दोनों टंकियां पूरी भरीं, मंगलवार से नगर निगम बंद करेगा टैंकरों से पानी की सप्लाई- 11 से अधिक टैंकरों पर निर्भर था अस्पताल, दो महीने में प्रबंधन को सौंपी जाएगी व्यवस्था
जमशेदपुर : डिमना रोड स्थित नए एमजीएम अस्पताल का दो साल से चला आ रहा जल संकट अब खत्म होने की उम्मीद है। करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से तैयार डेडिकेटेड जलापूर्ति योजना का ट्रायल सफल हो गया है। सोमवार से अस्पताल को प्रतिदिन तीन एमएलडी यानी 30 लाख लीटर पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है। सोमवार को अस्पताल परिसर में बनी दोनों पानी की टंकियों को पूरी क्षमता से भरा गया। इसके बाद वहां से अलग-अलग वार्डों और अस्पताल के अन्य हिस्सों में पानी पहुंचाकर आपूर्ति व्यवस्था का परीक्षण किया गया।
अब तक अस्पताल पानी के लिए टैंकर और डीप बोरिंग पर निर्भर था। नगर निगम मंगलवार से टैंकरों से पानी की सप्लाई बंद कर देगा। नियमित जलापूर्ति शुरू होने से अस्पताल प्रबंधन, मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम अगले दो महीने में पूरी जलापूर्ति व्यवस्था अस्पताल प्रबंधन को सौंपने की तैयारी कर रहा है।
रोज 11 से अधिक टैंकरों से पहुंचाया जा रहा था पानी
नए एमजीएम अस्पताल में पानी की समस्या के कारण नगर निगम की ओर से रोजाना 11 से अधिक टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा था। अस्पताल में पानी की कमी दूर करने के लिए डीप बोरिंग का भी सहारा लिया गया था। इसके बावजूद पानी की उपलब्धता बनाए रखना अस्पताल प्रबंधन के लिए चुनौती बना हुआ था। वार्डों, शौचालयों, साफ-सफाई और अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाओं के संचालन में पानी की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है। अब नियमित पाइपलाइन आपूर्ति शुरू होने से इन व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद है।
दो बार बढ़ी समयसीमा, एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की दी गई थी चेतावनी
करीब 11 करोड़ रुपये की लागत वाली डेडिकेटेड जलापूर्ति योजना को पूरा करने में काफी देरी हुई। पिछले साल से ही योजना का ट्रायल चल रहा था। काम पूरा नहीं होने पर उपायुक्त राजीव रंजन और नगर निगम की ओर से एजेंसी को कई बार चेतावनी दी गई। योजना पूरी करने के लिए दो बार समयसीमा भी बढ़ाई गई। नवंबर में जलापूर्ति शुरू नहीं होने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने और केस दर्ज करने जैसी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद प्रशासन ने दबाव बनाकर एजेंसी से काम पूरा कराया। अब ट्रायल सफल होने के बाद अस्पताल में नियमित जलापूर्ति शुरू हो गई है।
दो महीने तक होगी मॉनिटरिंग, फिर अस्पताल को सौंपी जाएगी व्यवस्था
नगर निगम अगले दो महीने में पूरी जलापूर्ति व्यवस्था अस्पताल प्रबंधन को सौंपने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, ट्रायल सफल होने के बाद भी नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि आपूर्ति में किसी तरह की तकनीकी समस्या आने पर तत्काल उसे दूर किया जा सके। मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि योजना का ट्रायल सफल हो गया है। सोमवार से अस्पताल परिसर की दोनों पानी की टंकियों में तीन एमएलडी पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है।
वहीं, बजाज कंपनी के अधिकारी मयंक मिश्रा ने बताया कि योजना की रोजाना मॉनिटरिंग की जाएगी। आगे व्यवस्था में जो भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। इससे जलापूर्ति बाधित होने की स्थिति से बचने में मदद मिलेगी।
वार्डों से लेकर सफाई व्यवस्था तक मिलेगी राहत
अस्पताल में रोजाना 30 लाख लीटर पानी की उपलब्धता से वार्डों, शौचालयों, साफ-सफाई और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सहूलियत होगी। अब तक टैंकरों पर निर्भरता के कारण पानी की व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ते थे। पाइपलाइन से नियमित आपूर्ति शुरू होने के बाद अस्पताल को इस निर्भरता से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, योजना की वास्तविक सफलता नियमित और निर्बाध जलापूर्ति बनाए रखने पर निर्भर करेगी।












