
- टीकर मौजा की सार्वजनिक जमीन को लेकर ईचागढ़ में बढ़ा विवाद, युवराज उदय प्रताप आदित्यदेव के नेतृत्व में सीओ को सौंपा ज्ञापन।
- फर्जी दस्तावेजों के सहारे कब्जे का आरोप, पेड़ काटने और आश्रम तोड़ने की कोशिश की भी शिकायत।
सरायकेला : श्मशान घाट, सरकारी तालाब और गौचारण की जमीन पर कब्जे के कथित प्रयास को लेकर सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड में ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। सोमवार को टीकर मौजा की 24.80 एकड़ सार्वजनिक जमीन को लेकर सैकड़ों ग्रामीण प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। राजबाड़ी ईचागढ़ के युवराज उदय प्रताप आदित्यदेव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी दीपक प्रसाद को ज्ञापन सौंपकर जमीन को अतिक्रमण से बचाने की मांग की।
दशकों से सार्वजनिक उपयोग में रही है जमीन
ग्रामीणों के अनुसार, टीकर मौजा के खाता संख्या 583 और प्लॉट संख्या 3817 की 24.80 एकड़ जमीन का इस्तेमाल दशकों से सार्वजनिक और सामुदायिक कार्यों के लिए होता रहा है। इस भूमि पर श्मशान घाट, सरकारी तालाब, वन विभाग का पौधरोपण क्षेत्र, सामूहिक खेती और गौचारण जैसी गतिविधियां संचालित होती रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन आसपास के गांवों की सामाजिक और सामुदायिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जे का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग कथित फर्जी दस्तावेजों के सहारे सार्वजनिक उपयोग की इस जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायत में बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के पेड़ों की कटाई और परिसर में स्थित आश्रम को तोड़ने की कोशिश किए जाने की बात भी कही गई है। इसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
राजस्व अभिलेखों के सत्यापन की मांग
अंचलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही जमीन से संबंधित राजस्व अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन कर सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित रखने की अपील की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
ये ग्रामीण रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्राम प्रधान माणिक घोष, फटीक गोराई, दिवाकर कैवर्त, अजय साहू, श्यामापद नापित, गुरुदयाल शर्मा, नीमाई साहू और राजेन साहू समेत सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।












