
- सात माह के हाथी को गुमला वन प्रमंडल से लाया गया दलमा, अब तीन हाथियों के साथ बिताएगा जिंदगी
- वनकर्मियों की देखरेख में नए माहौल में ढल रहा शेखर, हथिनी रजनी ने अपने हाथों से खिलाया खाना
जमशेदपुर : दलमा वन्यजीव अभयारण्य में अब पर्यटकों को रजनी हथिनी और बादल हाथी के साथ एक और नन्हे मेहमान शेखर का दीदार होगा। सात माह का हाथी शेखर सोमवार को गुमला वन प्रमंडल से दलमा लाया गया। झुंड से बिछड़ने के बाद अब उसे दलमा में नया परिवार और नया ठिकाना मिला है। यहां वह रजनी और बादल के साथ रहेगा। शेखर के आने से दलमा में हाथियों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।
दलमा के डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि शेखर अपने झुंड से बिछड़ गया था। वन विभाग के कर्मियों ने उसे दोबारा झुंड से मिलाने का प्रयास किया था, लेकिन कुछ समय बाद वह फिर झुंड से अलग हो गया। इसके बाद गुमला वन प्रमंडल की ओर से दलमा डीएफओ से संपर्क किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे दलमा लाने का निर्णय लिया गया।
वनकर्मियों के छूटे पसीने, रस्सी से करना पड़ा नियंत्रित
सोमवार को दलमा पहुंचने के बाद नन्हे शेखर ने नए माहौल में खूब चंचलता दिखाई। वह इधर-उधर घूमने लगा। उसे संभालने और नियंत्रित करने में वनकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः उसके दोनों पैरों में रस्सी बांधकर उसे नियंत्रित किया गया। इसके बाद हथिनी रजनी ने अपने हाथों से शेखर को खाना खिलाया। नए माहौल में शेखर की गतिविधियों पर वनकर्मी लगातार नजर रख रहे हैं।
रजनी और बादल के साथ बढ़ेगा परिवार
दलमा में पहले से रजनी हथिनी और बादल हाथी मौजूद हैं। दोनों पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे हैं। अब सात माह के शेखर के आने से दलमा में हाथियों का कुनबा बढ़ गया है। वन विभाग के सामने शेखर को नए वातावरण में ढालने, उचित भोजन और देखभाल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी होगी। साथ ही रजनी और बादल के साथ उसका तालमेल विकसित करना भी महत्वपूर्ण होगा।
पर्यटकों के लिए बना नया आकर्षण
दलमा वन्यजीव अभयारण्य अपनी जैव विविधता और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यहां पहले से मौजूद रजनी और बादल को देखने पर्यटक पहुंचते हैं। अब नन्हे शेखर के आने से पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण जुड़ गया है। वन विभाग को उम्मीद है कि उचित देखभाल और अनुकूल वातावरण मिलने से शेखर यहां सहजता से रह सकेगा।












