
- इनकम टैक्स भरने वाले 13,244 और चारपहिया वाहन रखने वाले 3,756 लोगों के नाम सूची से हटे, जरूरतमंद परिवारों के लिए खाली हुई जगह
जमशेदपुर : अगर आप जरूरतमंद हैं और अब तक आपका राशन कार्ड नहीं बन पाया है, तो आपके लिए अच्छी खबर है। पूर्वी सिंहभूम जिले में अब 50,331 नये परिवारों को राशन कार्ड से जोड़ने के लिए रिक्तियां उपलब्ध हुई हैं। प्रशासन की ओर से अपात्र और संपन्न लोगों के नाम राशन कार्ड की सूची से हटाये जाने के बाद यह जगह खाली हुई है। ऐसे में वर्षों से राशन कार्ड बनने का इंतजार कर रहे जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद जगी है। पात्र लोग निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।
इनकम टैक्स भरने वाले 13,244 लोगों के नाम कटे
प्रशासन की जांच में ऐसे लोगों की पहचान की गयी, जो आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद राशन कार्ड का लाभ ले रहे थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 13,244 आयकरदाताओं के नाम राशन कार्ड सूची से हटाये गये हैं। इसके अलावा चारपहिया वाहन रखने वाले 3,756 लोगों, निर्धारित सीमा से अधिक जमीन रखने वाले 7,630 लोगों तथा जीएसटी नंबर या कंपनियों से जुड़े करीब एक हजार लोगों को भी अपात्र मानते हुए सूची से बाहर किया गया है।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फिकार अंसारी ने बताया कि अयोग्य कार्डधारियों के नाम हटाये गये हैं, जिससे नयी रिक्तियां बनी हैं। अब प्रतीक्षा सूची में मौजूद पात्र लोगों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
गलत जानकारी देकर कार्ड बनवाया तो ब्याज समेत होगी वसूली
नया राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन करने वालों को आधार नंबर देना होगा। साथ ही यह घोषणा करनी होगी कि आवेदन में दी गयी सभी जानकारियां सही हैं। यदि जांच में यह पता चलता है कि किसी व्यक्ति ने गलत जानकारी देकर नियमों के विरुद्ध राशन कार्ड बनवाया है या सरकारी राशन का लाभ लिया है, तो उससे अब तक लिये गये राशन की कीमत ब्याज सहित वसूल की जा सकती है। इसके अलावा नियमानुसार कार्रवाई भी होगी।
राशन कार्ड बनवाने के लिए ये हैं पात्रता के नियम
आवेदन करने वाले परिवार को निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा। इनमें प्रमुख शर्तें हैं-
- परिवार का कोई सदस्य सरकारी या संविदा की नौकरी में नहीं होना चाहिए।
- परिवार का कोई सदस्य इनकम टैक्स या जीएसटी नहीं भरता हो।
- परिवार के पास पांच एकड़ से अधिक सिंचित या 10 एकड़ से अधिक असिंचित जमीन नहीं होनी चाहिए।
- परिवार में किसी के पास कार, जीप या पांच लाख रुपये से अधिक कीमत का ट्रैक्टर नहीं होना चाहिए।
- घर में फ्रिज, एसी या वॉशिंग मशीन नहीं होनी चाहिए।
- पक्की छत वाला तीन या उससे अधिक कमरों का मकान नहीं होना चाहिए।
- आवेदन के समय आधार नंबर और सही जानकारी देना अनिवार्य होगा।
जिले में 4.37 लाख राशन कार्ड, 16.11 लाख लाभुक
पूर्वी सिंहभूम जिले में वर्तमान में कुल 4,37,930 राशन कार्ड हैं। इन कार्डों में कुल 16,11,300 सदस्यों के नाम दर्ज हैं। प्रशासन की ओर से सभी लाभुकों का ई-केवाईसी कराया जा रहा है, ताकि वास्तविक लाभुकों की पहचान सुनिश्चित हो सके।
3.09 लाख लोगों की ई-केवाईसी अब भी बाकी
जिले में कुल 16,11,300 राशन कार्डधारियों में से अब तक 13,01,759 लोगों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। वहीं 3,09,541 सदस्यों की ई-केवाईसी अभी लंबित है। प्रशासन ने जिन लाभुकों की ई-केवाईसी नहीं हुई है, उनसे जल्द प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है।
एक नजर में राशन कार्ड की स्थिति
- कुल राशन कार्ड : 4,37,930
- कुल दर्ज सदस्य : 16,11,300
- ई-केवाईसी पूरी : 13,01,759
- ई-केवाईसी लंबित : 3,09,541
- नये परिवारों के लिए रिक्तियां : 50,331
पीडीएस डीलरों को 90 प्रतिशत से अधिक राशन वितरण का लक्ष्य, 16 सम्मानित
दूसरी ओर, जिले में राशन वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के डीलरों को कम से कम 90 प्रतिशत राशन वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सोमवार को सिदगोड़ा टाउन हॉल में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में जिले के सभी 1,333 डीलरों को समय पर राशन का उठाव और वितरण करने का टास्क दिया गया।
कार्यशाला में जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फिकार अंसारी और विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी राहुल जी आनंद ने विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और राशन वितरण में पारदर्शिता लाने पर जोर दिया। बेहतर कार्य करने वाले प्रत्येक प्रखंड से दो-दो डीलरों का चयन कर कुल 16 डीलरों को शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
राशन किट योजना में फिलहाल तकनीकी अड़चन
कार्यशाला में लाभुकों को चावल, गेहूं, चना दाल, नमक सहित राशन की सभी सामग्री एक साथ किट में पैक कर देने की योजना पर भी चर्चा हुई। हालांकि, सरकार की ओर से सभी सामग्रियों की आपूर्ति एक साथ नहीं हो पा रही है। अलग-अलग समय पर सामग्री पहुंचने के कारण फिलहाल किट तैयार कर वितरण करने में परेशानी आ रही है।
अधिकारियों ने डीलरों को दुकानों का रखरखाव बेहतर रखने और राशन कार्डधारियों के साथ शालीन व्यवहार करने का भी निर्देश दिया।












