
रांची : कक्षा में बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक अब अपनी प्रशिक्षण जरूरतों के आकलन के लिए मूल्यांकन में शामिल होंगे। झारखंड में चौथे दौर का टीचर नीड असेसमेंट यानी टीएनए 25 से 27 नवंबर तक प्रस्तावित है। इस बार प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पहचान सत्यापन, निर्धारित दूरी पर बैठने और परीक्षा केंद्रों की नियमित तस्वीरें अपलोड करने जैसे प्रबंध किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने जिला पदाधिकारियों को व्यवस्था संबंधी निर्देश दिए हैं। मूल्यांकन के दौरान अधिकृत पदाधिकारी प्रत्येक पांच मिनट पर इनविजिलेशन पोर्टल पर केंद्र की तस्वीरें अपलोड करेंगे। तस्वीरों में शिक्षकों की मूल्यांकन में भागीदारी दिखाई देगी।
पहचान की जांच, चार फीट की दूरी पर बैठेंगे शिक्षक
केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से पहले प्रत्येक शिक्षक की पहचान और आईडी का सत्यापन होगा। बैठने की व्यवस्था ई-विद्यावाहिनी स्लिप के आधार पर की जाएगी। दो शिक्षकों के बीच कम से कम चार फीट की दूरी रखना भी निर्धारित किया गया है। प्रवेश और निकास के लिए अलग रास्ते बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि मूल्यांकन पूरा कर चुके शिक्षक अपनी बारी का इंतजार कर रहे शिक्षकों के संपर्क में न आएं। केंद्र पर आवागमन की व्यवस्था भी इसी अनुसार रखी जाएगी।
एक डिवाइस की अनुमति, दो घंटे का मूल्यांकन
टीएनए में शामिल होने वाले प्रत्येक शिक्षक को केवल एक डिवाइस इस्तेमाल करने की अनुमति होगी। अतिरिक्त डिवाइस अधिकृत पदाधिकारी के पास जमा करना होगा। मूल्यांकन दो घंटे का होगा। कुल 60 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रत्येक प्रश्न दो अंक का रहेगा। इस बार माध्यमिक तथा प्लस टू विद्यालयों के शिक्षकों के लिए हिंदी और अंग्रेजी के प्रश्नपत्र अलग-अलग रखने का प्रावधान किया गया है। भागीदारी के लिए निबंधन चार से 16 नवंबर तक होगा।
तीन दिनों में अलग-अलग वर्गों की बारी
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 25 नवंबर को दोनों पालियों में कक्षा एक से पांच के प्राथमिक शिक्षक शामिल होंगे।
26 नवंबर की पहली पाली में प्राथमिक शिक्षकों के साथ विज्ञान और रसायन शास्त्र के माध्यमिक शिक्षक भाग लेंगे। दूसरी पाली में प्राथमिक शिक्षकों तथा गणित और भौतिकी के माध्यमिक शिक्षकों का मूल्यांकन होगा। 27 नवंबर की पहली पाली में प्लस टू के सभी शिक्षक और अर्थशास्त्र, भूगोल, हिंदी, इतिहास व नागरिक शास्त्र के माध्यमिक शिक्षक शामिल होंगे। दूसरी पाली कक्षा छह से आठ के उच्च प्राथमिक शिक्षकों तथा अंग्रेजी के माध्यमिक शिक्षकों के लिए निर्धारित है।
नतीजों से तय होगी प्रशिक्षण की जरूरत
टीएनए का उद्देश्य यह समझना है कि किस शिक्षक को किस स्तर और विषय में प्रशिक्षण की आवश्यकता है। आकलन के आधार पर प्रशिक्षण की योजना बनाई जाती है। उपलब्ध खबर के मुताबिक, शिक्षकों के लिए 50 घंटे का सेवाकालीन प्रशिक्षण अनिवार्य है। ऐसे में यह मूल्यांकन आगे के प्रशिक्षण को शिक्षकों की जरूरतों से जोड़ने का आधार बनेगा।
वीडियो की शुरुआती लाइन:
“झारखंड में शिक्षकों के टीएनए को लेकर निगरानी सख्त होगी। हर पांच मिनट पर केंद्र की तस्वीर अपलोड होगी और पहचान सत्यापन के बाद शिक्षक मूल्यांकन में शामिल होंगे। जानिए निबंधन से लेकर पूरा कार्यक्रम।”












