
जमशेदपुर : किसी को सिलाई का काम बढ़ाना है तो किसी को टिफिन सेवा और छोटी दुकान के जरिए परिवार की आय मजबूत करनी है। ऐसी महिलाओं के स्वरोजगार को सहारा देने के लिए स्वावलंबी झारखण्ड माइक्रोवेलफेयर डेवलपमेंट सेंटर (एसजेएमडीसी) ने बुधवार को 20 महिलाओं के बीच कुल आठ लाख रुपये का लघु ऋण वितरित किया। बिष्टुपुर स्थित कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को अपने हुनर को कारोबार में बदलने और मेहनत के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
50 महिलाओं से शुरू हुआ सफर, हजारों तक पहुंची मदद
कार्यक्रम में सेंटर के निदेशक तथा खादी ग्रामोद्योग आयोग, पूर्वी भारत के निवर्तमान चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रकल्प की शुरुआत वर्ष 2012 में हुई थी। उस समय 50 महिलाओं को कुल पांच लाख रुपये का ऋण दिया गया था। उनके अनुसार, अब तक इस पहल के माध्यम से 4,500 से अधिक महिलाओं के बीच करीब नौ करोड़ रुपये का लघु ऋण वितरित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि छोटी आर्थिक सहायता भी महिलाओं के लिए रोजगार का रास्ता खोल सकती है। सेंटर का उद्देश्य उन जरूरतमंद महिलाओं तक सहयोग पहुंचाना है, जिन्हें व्यवसाय शुरू करने या उसका विस्तार करने के लिए बैंकों से ऋण नहीं मिल पाता।
महंगे कर्ज से राहत, कमाई बढ़ाने का अवसर
मनोज कुमार सिंह के अनुसार, पूंजी की कमी के कारण कई महिलाएं बाजार से ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेने को मजबूर थीं। इससे कारोबार का बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में खर्च हो जाता था। सेंटर उन्हें कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराकर इस परेशानी को कम करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि योजना से जुड़ी महिलाएं टिफिन सेवा, ब्यूटी पार्लर, सिलाई, जनरल स्टोर, सब्जी और कपड़ों के व्यवसाय में काम कर रही हैं। इन गतिविधियों से वे अपनी आजीविका चलाने के साथ परिवार की आर्थिक जरूरतों में भी योगदान दे रही हैं।
मेहनत और निरंतरता से बदल सकती है जिंदगी
मुख्य अतिथि धनबाद विधायक राज सिन्हा ने स्वदेशी जागरण मंच द्वारा संचालित इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने वाली पहल समाज को मजबूत करती है।
महिलाओं का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने बोकारो की सुनीता कोठारी का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, सुनीता ने गृहिणी रहते हुए घर से सजावटी सामान का व्यवसाय शुरू किया और अच्छी आय अर्जित करने लगीं।
उन्होंने रांची की संगीता देवी का भी जिक्र किया। विधायक के अनुसार, पहले दिहाड़ी मजदूरी करने वाली संगीता ने पति के साथ सब्जी और तरबूज की खेती शुरू की। आज उनका कारोबार लगभग 60 लाख रुपये तक पहुंच गया है। राज सिन्हा ने लाभार्थियों से मेहनत, ईमानदारी और निरंतरता के साथ व्यवसाय आगे बढ़ाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी राजकुमार सिंह भी उपस्थित रहे। संचालन अमित मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में घनश्याम दास, मुकेश कुमार, रमेश कुमार, अमित कुमार, मनोज सखुजा, कौशल किशोर, गुरजीत सिंह और देव मुखर्जी सहित कार्यकर्ता व महिलाएं मौजूद थीं।












