
- बर्मामाइंस छोर पर नई इमारत के निर्माण से पहले शुरू हुई मिट्टी की तकनीकी जांच, 20 से 30 मीटर गहराई तक होगी ड्रिलिंग
- संकटासिंह पेट्रोल पंप के पास तैयार हो रही वैकल्पिक सड़क, अंतिम चरण में पहुंचा निर्माण कार्य
जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की योजना अब जमीन पर आकार लेने लगी है। स्टेशन के कायाकल्प के साथ शहर की कनेक्टिविटी में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। स्टेशन से गोलपहाड़ी की ओर जाने वाला मौजूदा मार्ग जल्द ही बंद कर दिया जाएगा। इसकी जगह संकटासिंह पेट्रोल पंप के पास से नई वैकल्पिक सड़क तैयार की जा रही है। सड़क निर्माण का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में गोलपहाड़ी और स्टेशन के बीच आवागमन का परिचित रास्ता इतिहास बन जाएगा।
गोलपहाड़ी जाने के लिए बदलना होगा रास्ता
स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के तहत बर्मामाइंस छोर पर बड़े यात्री एवं प्रशासनिक परिसर का निर्माण प्रस्तावित है। इसी निर्माण क्षेत्र में मौजूदा सड़क आ रही है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इस रास्ते को पूरी तरह बंद करने की तैयारी है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए पहले ही वैकल्पिक सड़क तैयार की जा रही है। संकटासिंह पेट्रोल पंप के पास से गोलपहाड़ी की ओर जाने वाली इस सड़क के चालू होने के बाद यातायात को नए मार्ग पर स्थानांतरित किया जाएगा।
नई इमारत से पहले जमीन की मजबूती की जांच
बर्मामाइंस छोर पर प्रस्तावित बहुमंजिला इमारत के निर्माण से पहले तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने मिट्टी की जांच शुरू कर दी है। हाइड्रोलिक बोरिंग मशीनों के जरिए अलग-अलग स्थानों पर 20 से 30 मीटर तक गहराई में ड्रिलिंग की जा रही है। मिट्टी और चट्टानों के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। इनकी जांच से जमीन की भार वहन क्षमता, भूगर्भीय जलस्तर और चट्टानों की मजबूती का पता लगाया जाएगा।
रिपोर्ट के आधार पर तय होगा फाउंडेशन
सॉयल टेस्टिंग की रिपोर्ट आने के बाद ही प्रस्तावित इमारत की नींव और पिलर की संरचना को अंतिम रूप दिया जाएगा। स्टेशन के नॉर्थ साइड यानी बर्मामाइंस छोर पर बहुमंजिला यात्री एवं प्रशासनिक परिसर बनाने की योजना है। इसके ऊपर रूफ प्लाजा और एयर कॉनकोर्स भी प्रस्तावित है। रेल पटरियों के बेहद करीब होने के कारण इस इमारत को भारी ट्रेनों से होने वाले कंपन और संभावित भूकंपीय झटकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाना है। इसलिए निर्माण से पहले जमीन की तकनीकी जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नौ प्लेटफॉर्म और बेहतर कनेक्टिविटी की योजना
टाटानगर स्टेशन के पुनर्विकास के मास्टर प्लान में प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाकर नौ करने की योजना भी शामिल है। इसके साथ नए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और फोरलेन पहुंच मार्ग का प्रस्ताव है। इन योजनाओं के पूरा होने से स्टेशन के दोनों छोर की कनेक्टिविटी बेहतर होने और यात्रियों को अधिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
स्टेशन के आसपास सड़क व्यवस्था में होने वाला बदलाव भी इस परियोजना का अहम हिस्सा है। गोलपहाड़ी मार्ग बंद होने के बाद नई सड़क स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बनेगी। ऐसे में वैकल्पिक सड़क को समय पर चालू करना जरूरी होगा, ताकि पुनर्विकास कार्य के दौरान आवागमन प्रभावित न हो।
विकास के साथ यातायात प्रबंधन भी चुनौती
टाटानगर स्टेशन का पुनर्विकास केवल भवन और प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है। इससे बर्मामाइंस, गोलपहाड़ी और आसपास के इलाकों की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होगी। पुराना रास्ता बंद होने से पहले नई सड़क को पूरी तरह तैयार कर चालू करना जरूरी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि वैकल्पिक मार्ग कब तक आम लोगों के लिए खोला जाता है और स्टेशन के पुनर्विकास के अगले चरण का काम कितनी तेजी से आगे बढ़ता है।












