
जमशेदपुर : पौधा लगाना भविष्य को संवारने की शुरुआत है, लेकिन उसकी देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी की असली पहचान है। इसी संदेश के साथ मंगलवार को मास्टर सोबरन मांझी जिला पुस्तकालय और पीएम श्री उत्क्रमित पीपुल्स अकादमी +2 विद्यालय, न्यू बाराद्वारी ने संयुक्त रूप से वृक्षारोपण सह जीवन-मूल्य संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें विद्यार्थियों और पुस्तकालय के पाठकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के साथ संवेदनशील, जिम्मेदार और नैतिक आचरण अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रकृति की सुरक्षा में भावी पीढ़ियों का भविष्य
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी एवं विहंगम योग के प्रांतीय अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रवाल उपस्थित रहे। शशि शेखर प्रसाद सिंह और टी. शशि कुमार ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। आज प्रकृति को सुरक्षित रखने के लिए किए गए प्रयास आने वाली पीढ़ियों के जीवन को बेहतर बनाने में योगदान देंगे। वक्ताओं ने वृक्षारोपण की जरूरत समझाते हुए विद्यार्थियों को प्रकृति से जुड़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति सजगता और मानवीय मूल्यों का विकास साथ-साथ होना चाहिए। शिक्षा के साथ जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
विद्यार्थियों में संवेदनशीलता विकसित करने पर जोर
आयोजन की अध्यक्षता कर रहे राजदेव सिन्हा ने पौधारोपण को जीवन-मूल्यों से जोड़ते हुए कहा कि प्रकृति के प्रति अपनापन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण के संरक्षण में अपनी भूमिका समझने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय के प्राचार्य चन्द्रदीप पाण्डेय ने वर्तमान सामाजिक परिवेश में जीवन-मूल्यों के लगातार कमजोर पड़ने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ सकारात्मक सोच, रचनात्मक गतिविधियों और नैतिक मूल्यों को भी महत्व देना होगा। ऐसे प्रयास बच्चों को समाज के प्रति अधिक जागरूक और उत्तरदायी बनाने में सहायक हो सकते हैं।
पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल की अपील
जिला पुस्तकालय के पुस्तकालयाध्यक्ष कौशिक दत्ता ने पाठकों और विद्यार्थियों से कहा कि पौधारोपण को केवल औपचारिक गतिविधि तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उनके अनुसार, लगाया गया प्रत्येक पौधा प्रकृति और भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने पौधों की नियमित देखभाल करने और उन्हें सुरक्षित रखने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन सुषमा जी ने किया। इसमें विद्यालय के शिक्षक, पुस्तकालय के नियमित पाठक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। समापन पर अतिथियों, शिक्षकों, पाठकों और विद्यार्थियों ने मिलकर पौधे लगाए तथा पर्यावरण संरक्षण और जीवन-मूल्यों को अपने व्यवहार में उतारने का संकल्प लिया। इस संयुक्त पहल ने शिक्षा, सामाजिक चेतना और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी को एक साथ आगे बढ़ाने का संदेश दिया।












