
- चार प्रतिनियुक्त कर्मियों को तत्काल हटाने की मांग, डीसी और मंत्री को सौंपा ज्ञापन; ड्यूटी आवंटन में पारदर्शिता के लिए रोस्टर सिस्टम और सीसीटीवी लगाने की उठाई आवाज
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला समादेष्टा कार्यालय में होमगार्ड जवानों को अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी आवंटित करने के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। इसको लेकर गृह रक्षा वाहिनी लोक सेवा संघ ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। संघ के जिलाध्यक्ष दामोदर बारी ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार और राज्य के मंत्री दीपक बिरुवा को ज्ञापन सौंपा है।
संघ का आरोप है कि जिला समादेष्टा कार्यालय में लंबे समय से प्रतिनियुक्त कुछ कर्मियों पर होमगार्ड जवानों को ड्यूटी दिलाने के नाम पर अन्य जवानों से अवैध रूप से पैसे मांगने और वसूली करने की शिकायतें मिल रही हैं। इससे ड्यूटी पाने के इच्छुक जवानों को कथित तौर पर आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कार्यालय में लंबे समय से प्रतिनियुक्त कर्मियों चरण हस्सुन, हुसन चरण लागुरी, वीरेंद्र अड्डा और राजेश पाल को तत्काल हटाने की मांग की है।
संघ अध्यक्ष का कहना है कि कथित अवैध वसूली को लेकर पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ज्ञापन में वीरेंद्र अड्डा से संबंधित कथित वसूली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का भी उल्लेख किया गया है। संघ ने वीडियो की सत्यता की जांच कराने और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
ड्यूटी आवंटन में रोस्टर सिस्टम लागू करने की मांग
होमगार्ड जवानों के बीच ड्यूटी आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए संघ ने मुख्यालय के निर्देशानुसार रोस्टर प्रणाली का सख्ती से पालन कराने की मांग की है। इसके साथ ही प्रत्येक महीने की ड्यूटी सूची एक माह पहले ही जिला समादेष्टा कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का आग्रह किया गया है। संघ का तर्क है कि इससे जवानों को समय रहते अपनी ड्यूटी की जानकारी मिल सकेगी और किसी भी तरह की कथित अनियमितता की गुंजाइश कम होगी।
कार्यालय में सीसीटीवी और महिला जवानों को 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग
संघ ने जिला समादेष्टा कार्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग भी उठाई है, ताकि कार्यालय की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके और पारदर्शिता बनी रहे। इसके अलावा भ्रष्टाचार एवं अनियमितता के आरोपों से घिरे कर्मियों के स्थानांतरण की मांग की गई है। ज्ञापन में महिला होमगार्ड जवानों के लिए 50 प्रतिशत प्रतिनियुक्ति आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
संघ ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने, कथित अवैध वसूली पर रोक लगाने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की अपील की है। अब इस शिकायत पर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर जवानों की नजर रहेगी।












