
- मानगो नगर निगम और जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति की कार्यशैली पर उठाए सवाल, मुख्यमंत्री से पानी, सफाई, सड़क और बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग
- सफाई ठेकेदारों पर नियंत्रण नहीं होने का लगाया आरोप, मिशन-29 के रीलबाज किरदारों के प्रभाव का भी किया जिक्र
जमशेदपुर : विधायक सरयू राय ने राज्य की नगर निकाय व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधा है। उन्होंने खास तौर पर मानगो नगर निगम और जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि नगरपालिकाएं वैधानिक संस्थाओं की तरह काम नहीं कर रही हैं। नियम-कानून के बजाय मनमानी और जुगाड़ तंत्र से कामकाज चलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
सरयू राय ने अपने संदेश में कहा है कि नगर निकायों की जिम्मेदारी आम लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन जमीनी स्तर पर सफाई और कचरा निष्पादन की स्थिति चिंताजनक है। मोहल्लों में कचरा पसरा हुआ है और सफाई ठेकेदारों पर अधिकारियों का प्रभावी नियंत्रण नहीं दिख रहा है। उन्होंने इसे जनता के हितों से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए नगर निकायों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
मिशन-29 के प्रभाव का भी उठाया मुद्दा
विधायक ने अपने संदेश में मिशन-29 का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सफाई के मुद्दे पर राजनीति करने वाले कुछ रील बनाने वाले किरदार सरकार में अपने प्रभाव का हवाला देकर नगरपालिका अधिकारियों को भयभीत कर रहे हैं। उनके इस आरोप ने नगर निकायों के कामकाज में राजनीतिक प्रभाव और प्रशासनिक स्वतंत्रता को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
पानी, सफाई, सड़क और बिजली पर मांगी जवाबदेही
सरयू राय ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि नगर निकायों को नियम-कानून के अनुसार काम करने का स्पष्ट निर्देश दिया जाए। उन्होंने पानी, सफाई, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। उनका कहना है कि जनसुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए और अधिकारियों को निष्पक्ष तरीके से काम करने का अवसर मिलना चाहिए।
गठबंधन मोह से ऊपर उठकर कार्रवाई की मांग
सरयू राय ने मुख्यमंत्री से कहा है कि नगर निकायों के कामकाज में गठबंधन मोह और तेरा-मेरा की भावना से ऊपर उठकर फैसले लिए जाएं। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने तथा सफाई ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। अपने संदेश के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री से नगरपालिकाओं को ‘नरकपालिका’ बनने से रोकने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की अपील की है।
नगर निकायों की सफाई व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर उठाए गए इन सवालों के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर विकास विभाग और संबंधित निकाय प्रशासन इस पर क्या कदम उठाते हैं।












