
- बागबेड़ा की 16 वर्षीय किशोरी फरवरी से थी लापता, बड़ी बहन की शिकायत पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी; पुलिस ने बिट्टू शर्मा और नीलम देवी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
जमशेदपुर : शहर के बागबेड़ा इलाके से लापता हुई 16 वर्षीय किशोरी के मामले में मानव तस्करी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि किशोरी को प्रेम-जाल में फंसाकर मध्य प्रदेश ले जाया गया, जहां उसे बेच दिया गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन शादी करा दी गई। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों बिट्टू शर्मा और नीलम देवी को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद मंगलवार को जेल भेज दिया गया।
इस मामले ने एक बार फिर नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में ले जाने और उनके शोषण से जुड़े अपराधों पर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे घटनाक्रम में सिर्फ गिरफ्तार दोनों आरोपी शामिल थे या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था।
फरवरी में घर से निकली, फिर नहीं मिला कोई सुराग
मामले की शुरुआत इसी साल फरवरी में हुई थी। बागबेड़ा थाना क्षेत्र की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी एक सुबह करीब सात बजे घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया।
किशोरी के अचानक लापता होने से परिवार की चिंता बढ़ती गई। आखिरकार उसकी बड़ी बहन ने बागबेड़ा थाने में अपहरण और मानव तस्करी की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
प्रेम और शादी का झांसा देकर मध्य प्रदेश ले जाने का आरोप
जांच के दौरान पुलिस के सामने जो घटनाक्रम आया, वह चौंकाने वाला था। आरोप है कि किशोरी को पहले प्रेम प्रसंग और शादी का भरोसा दिलाकर अपने प्रभाव में लिया गया। इसके बाद उसे जमशेदपुर से बाहर मध्य प्रदेश ले जाया गया।
पुलिस जांच में आरोप सामने आया कि वहां किशोरी को बेच दिया गया और उसकी मर्जी के खिलाफ शादी करा दी गई। एक नाबालिग लड़की के साथ इस तरह का कथित शोषण और तस्करी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी।
बिट्टू शर्मा और नीलम देवी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए बिट्टू शर्मा और नीलम देवी को गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ और जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की गई। मंगलवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
गिरोह के दूसरे सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस
दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की जांच खत्म नहीं हुई है। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किशोरी को मध्य प्रदेश ले जाने की योजना किसने बनाई थी, उसे वहां किसके पास पहुंचाया गया और कथित तौर पर बिक्री तथा जबरन शादी कराने में किन लोगों की भूमिका रही।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे मानव तस्करी का कोई संगठित गिरोह सक्रिय है और क्या इसके तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हुए हैं।
नाबालिगों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
बागबेड़ा की इस घटना ने शहर में नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घर से निकली एक किशोरी का महीनों तक कोई सुराग नहीं मिलना और फिर दूसरे राज्य में कथित तौर पर बिक्री तथा जबरन शादी का मामला सामने आना बेहद चिंताजनक है। ऐसे मामलों में परिवार की सतर्कता के साथ-साथ पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अंतरराज्यीय समन्वय भी बेहद जरूरी है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता पूरे मामले की तह तक पहुंचना और इस कथित तस्करी में शामिल अन्य लोगों की पहचान करना है।












