
जमशेदपुर : मानगो नगर निगम क्षेत्र की कुमरूम बस्ती में पिछले सात दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। पानी टंकी का मोटर 30 अक्टूबर को जल जाने के बाद से इलाके में जलापूर्ति ठप है। लगातार एक सप्ताह तक पानी के लिए परेशान रहने और नगर निगम की ओर से बार-बार मोटर ठीक करने का आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या दूर नहीं हुई। आखिरकार बुधवार को स्थानीय महिलाओं का धैर्य जवाब दे गया और उनका गुस्सा फूट पड़ा।
आज बनेगा, कल बनेगा के आश्वासन से परेशान हुईं महिलाएं
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि मोटर खराब होने के बाद से ही वे नगर निगम के अधिकारियों से पानी की समस्या दूर करने की गुहार लगा रही थीं। उन्हें लगातार आश्वासन दिया जाता रहा कि मोटर जल्द ठीक हो जाएगा। कभी आज तो कभी कल का भरोसा दिया गया, लेकिन सात दिन बीतने के बाद भी न मोटर बना और न ही नियमित पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की गई। घरों में पानी की किल्लत के कारण दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। महिलाओं को पानी की व्यवस्था के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
दर्जनों पानी ट्रैक्टर, फिर भी बस्ती तक नहीं पहुंचा पानी
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल नगर निगम की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। विधायक सरयू राय ने अपने संदेश में कहा है कि मानगो नगर निगम के पास दर्जनों पानी ट्रैक्टर उपलब्ध हैं। इसके बावजूद टंकी का मोटर जलने की जानकारी होने के बाद भी एक पानी ट्रैक्टर तक कुमरूम बस्ती में नहीं भेजा गया। सात दिनों से जल संकट झेल रहे लोगों को टैंकर से पानी उपलब्ध नहीं कराना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
सरयू राय ने नगर आयुक्त से तत्काल मांगी कार्रवाई
कुमरूम बस्ती में महिलाओं के आक्रोश और पेयजल संकट की जानकारी मिलने पर जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने अपने सहयोगी भवानी सिंह को मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद सरयू राय ने मानगो नगर आयुक्त को संदेश जारी कर अविलंब कुमरूम बस्ती में पानी का टैंकर भेजने और इसकी सूचना देने को कहा। उन्होंने जले हुए मोटर की जल्द मरम्मत कराने के लिए भी पहल करने की बात कही है।
अब स्थानीय लोगों की नजर नगर निगम की कार्रवाई पर टिकी है। तत्काल पानी टैंकर पहुंचाने के साथ खराब मोटर की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करना निगम के सामने बड़ी चुनौती है। सवाल यह भी है कि जब मोटर खराब होने की जानकारी 30 अक्टूबर से ही थी, तो सात दिनों तक लोगों को पानी के लिए परेशान क्यों होना पड़ा?












