
जमशेदपुर : दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले जमशेदपुर में रैपिडो से जुड़े चालकों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। जमशेदपुर टैक्सी यूनियन के बैनर तले चालकों ने प्रदर्शन कर कंपनी के सामने कई मांगें रखीं। यूनियन ने मांगों पर विचार करने के लिए सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन किया जाएगा। ऐसे में शहर में कैब सेवा प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
त्योहारों में 40 प्रतिशत किराया बढ़ाने की मांग
यूनियन की प्रमुख मांगों में दीपावली और छठ के दौरान किराये में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी करना शामिल है। चालकों का कहना है कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में उन्हें मिलने वाले किराये में भी उचित बढ़ोतरी होनी चाहिए। इसके अलावा सामान्य दिनों में लोकल बुकिंग का रेट बढ़ाने की मांग भी उठाई गई है।
क्लिकर बुकिंग सिस्टम का विरोध
प्रदर्शन कर रहे चालकों ने क्लिकर के माध्यम से बुकिंग उठाने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इस तरीके से बुकिंग लेने पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही लोकल बुकिंग में ग्राहक की ओर से बुकिंग कैंसल किए जाने पर मिलने वाले कैंसिलेशन चार्ज को बढ़ाने की मांग रखी है, ताकि बुकिंग रद होने की स्थिति में चालकों को आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़े।
लोकल रेंटल सुविधा शुरू करने की मांग
यूनियन ने शहर में लोकल रेंटल की सुविधा शुरू करने की भी मांग की है। इसके साथ ही नए साल में सभी गाड़ियों का ऑडिट कराने की मांग रखी गई है। चालकों का कहना है कि उनकी समस्याओं और मांगों पर कंपनी को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सात दिन में फैसला नहीं तो आंदोलन
जमशेदपुर टैक्सी यूनियन ने स्पष्ट किया है कि कंपनी को सात दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर यूनियन आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। प्रदर्शन में यूनियन के अध्यक्ष सुभोजित पॉल, महासचिव गौरव कुमार मिश्रा समेत अन्य चालक शामिल थे। अब देखना होगा कि कंपनी चालकों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और त्योहारों के दौरान शहर की कैब सेवा पर इसका क्या असर पड़ता है।
चालकों की प्रमुख मांगें
- दीपावली और छठ पर किराये में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
- लोकल बुकिंग का रेट बढ़ाया जाए।
- क्लिकर से बुकिंग उठाने की व्यवस्था बंद हो।
- ग्राहक की ओर से बुकिंग कैंसल करने पर कैंसिलेशन चार्ज बढ़े।
- नए साल में सभी गाड़ियों का ऑडिट कराया जाए।
- लोकल रेंटल की सुविधा शुरू की जाए।












