
धनबाद : बिजली का बिल कम करने के लिए स्मार्ट मीटर से कथित छेड़छाड़ करना गांधीनगर के दो उपभोक्ताओं को महंगा पड़ गया। मीटर की सील तोड़कर उसकी रफ्तार धीमी करने की कोशिश की जानकारी डिजिटल निगरानी प्रणाली तक पहुंच गई। मुख्यालय को मिले अलर्ट के बाद बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। विभाग के अनुसार, गड़बड़ी की पुष्टि होने पर दोनों उपभोक्ताओं पर कुल एक लाख आठ हजार पचास रुपये का जुर्माना लगाया गया।
सील टूटते ही निगरानी प्रणाली ने पकड़ी गड़बड़ी
सामने आई जानकारी के मुताबिक, गांधीनगर निवासी सुरेंद्र यादव और राधेश्याम यादव पर अपने घरों में लगे स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ करने का आरोप है। बताया गया कि बिजली की खपत कम दर्ज कराने के उद्देश्य से मीटर की सील तोड़कर उसे धीमा करने का प्रयास किया गया था।हालांकि, मीटर में लगी स्मार्ट चिप और केंद्रीय सर्वर से जुड़ी निगरानी व्यवस्था ने इस बदलाव को पकड़ लिया। सिस्टम से मुख्यालय को सूचना मिलने के बाद जांच टीम संबंधित घरों तक पहुंची। विभाग का कहना है कि मौके पर हुई जांच में मीटर से छेड़छाड़ की पुष्टि हुई।
किसी पर ₹43 हजार तो किसी पर ₹64 हजार से अधिक जुर्माना
कार्रवाई के दौरान सुरेंद्र यादव पर 43,226 रुपये, जबकि राधेश्याम यादव पर 64,824 रुपये का जुर्माना लगाया गया। दोनों राशियों को मिलाकर कुल जुर्माना 1,08,050 रुपये हुआ। विभाग ने दोनों घरों के बिजली कनेक्शन भी काट दिए। इसके साथ ही स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इस मामले में आर्थिक दंड के साथ पुलिस कार्रवाई भी हुई है। विभागीय कार्रवाई के बाद दोनों उपभोक्ताओं ने जुर्माने की रकम जमा कर दी। इसके बाद उनके घरों में नए स्मार्ट मीटर लगाए गए।
सर्वर पर दर्ज होता है छेड़छाड़ का समय
स्मार्ट मीटर की निगरानी व्यवस्था में सील टूटने की घटना का डिजिटल रिकॉर्ड सर्वर पर दर्ज हो जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सील कब और किस समय तोड़ी गई, इसका विवरण भी सिस्टम में सुरक्षित रहता है। इसी रिकॉर्ड और मौके की जांच के आधार पर विभाग गड़बड़ी की पड़ताल करता है। इस मामले में भी डिजिटल अलर्ट ने जांच का रास्ता खोला। मीटर के साथ की गई कथित छेड़छाड़ की जानकारी उपभोक्ता के परिसर तक सीमित नहीं रही, बल्कि निगरानी प्रणाली के जरिए मुख्यालय तक पहुंच गई।
विभाग ने दिया सख्त कार्रवाई का संदेश
अधीक्षण अभियंता संजय बेसरा के अनुसार, स्मार्ट मीटर की नियमित ऑनलाइन निगरानी से गड़बड़ी की जानकारी मिल जाती है। उन्होंने मीटर से छेड़छाड़ के मामलों में कड़ा रुख अपनाने की बात कही। धनबाद में सामने आए इस मामले ने स्मार्ट मीटर की डिजिटल निगरानी की भूमिका उजागर की है। बिल घटाने की कथित कोशिश दोनों उपभोक्ताओं के लिए जुर्माने, कनेक्शन काटे जाने और प्राथमिकी तक पहुंच गई।












