
जमशेदपुर : शहर में स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता और साफ-सफाई की जांच के दौरान कई फूड स्टॉलों पर खामियां सामने आईं। कहीं बार-बार इस्तेमाल किया गया खराब तेल मिला, तो कहीं खाने में अखाद्य रंग का उपयोग पाया गया। शुक्रवार को चलाए गए व्यापक खाद्य सुरक्षा अभियान में लगभग 95 स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान करीब 10 लीटर खराब खाद्य तेल मौके पर ही नष्ट करवाया गया। अखाद्य रंग मिले खाद्य पदार्थों को भी नष्ट कराया गया।
तीन प्रमुख स्थानों पर पहुंची जांच टीम
उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम और अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। जांच के दायरे में जुबली पार्क के सामने स्थित फूड स्टॉल, कदमा का गणेश मैदान और बिष्टुपुर की खाओ गली शामिल रहे। अभियान का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना और खाद्य कारोबारियों को जरूरी मानकों के प्रति जागरूक करना था। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थ तैयार करने और परोसने के तरीकों के साथ स्टॉलों की स्वच्छता व्यवस्था भी देखी गई।
कई स्टॉलों पर मिला खराब तेल
निरीक्षण में कई संचालक बार-बार इस्तेमाल किए गए और खराब हो चुके खाद्य तेल का उपयोग करते पाए गए। ऐसे लगभग 10 लीटर तेल को मौके पर ही नष्ट करवाया गया, ताकि उसका दोबारा भोजन तैयार करने में इस्तेमाल नहीं हो सके। इसके अलावा दो से तीन स्टॉलों पर खाद्य पदार्थों में अखाद्य रंग का इस्तेमाल सामने आया। संबंधित खाद्य पदार्थ भी तत्काल नष्ट करवाए गए। इन खामियों के बाद संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।
बर्तन धोने की व्यवस्था में भी कमी
जांच के दौरान कई फूड स्टॉलों पर बर्तन धोने की उचित व्यवस्था नहीं मिली। संबंधित संचालकों को इस कमी को दूर करने और बर्तनों की सफाई के लिए समुचित इंतजाम करने को कहा गया। टीम ने स्टॉल के साथ आसपास के क्षेत्र में भी साफ-सफाई बनाए रखने का निर्देश दिया। खाने की सामग्री तैयार करने से लेकर ग्राहकों को परोसने तक स्वच्छता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। संचालकों को बताया गया कि खाद्य कारोबार में सफाई और सुरक्षित सामग्री का उपयोग आवश्यक है।
पंजीकरण और ग्लव्स के इस्तेमाल का निर्देश
सभी खाद्य कारोबारियों को व्यवसाय के लिए आवश्यक पंजीकरण प्राप्त करने को कहा गया। साथ ही भोजन बनाने और परोसने के दौरान हैंड ग्लव्स इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और अस्वच्छता पर रोक लगाने के लिए निरीक्षण तथा जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेगा। जांच के साथ कारोबारियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ मिल सकें।












