
धनबाद : सुरक्षा का भरोसा दिलाने आए दो युवकों ने ही एक बुजुर्ग के सोने के आभूषण गायब कर दिए। बरटांड़ बस स्टैंड के पास हुई इस घटना में आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और जांच के बहाने बातचीत शुरू की। इसके बाद जेवर सुरक्षित रखने की सलाह देकर बुजुर्ग को झांसे में लिया। जब तक उन्हें ठगी का एहसास हुआ, दोनों युवक बाइक से फरार हो चुके थे। पीड़ित हावड़ा निवासी 65 वर्षीय विनोद गोस्वामी हैं। उन्होंने धनबाद थाने में लिखित शिकायत देकर घटना की जानकारी दी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
बस से उतरकर स्टेशन जा रहे थे विनोद
शिकायत के अनुसार, विनोद गोस्वामी मंगलवार की शाम लगभग 3:50 बजे बरटांड़ बस स्टैंड के पास बस से उतरे थे। वहां से वह रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे थे। इसी दौरान दो युवक उनके पास पहुंचे और खुद को पुलिसवाला बताते हुए जांच करने की बात कही। बातचीत के दौरान युवकों की नजर उनके पहने हुए सोने के आभूषणों पर थी। उन्होंने बुजुर्ग से कहा कि इतने जेवर पहनकर चलना सुरक्षित नहीं है और कोई इन्हें छीन सकता है। सुरक्षा की इसी बात के सहारे दोनों ने उनका भरोसा जीतने की कोशिश की।
कागज में जेवर रखने के बहाने दिया धोखा
विनोद के मुताबिक, युवकों ने एक कागज निकालकर दिया और सोने के आभूषण उसमें रखकर बैग में रखने को कहा। उन्हें लगा कि पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा के लिए ऐसा कर रहे हैं। आरोप है कि इसी दौरान दोनों ने चालाकी से उनकी सोने की चेन, अंगूठी और ब्रेसलेट गायब कर दिए। बुजुर्ग को बातचीत और सामान रखने में उलझाने के बाद आरोपी वहां से निकल गए। शिकायत के अनुसार, दोनों बाइक पर सवार होकर बरवाअड्डा की दिशा में भागे।
बैग देखा तो न कागज मिला, न आभूषण
कुछ देर बाद विनोद ने अपना बैग जांचा तो उसमें आभूषण नहीं मिले। जिस कागज में जेवर रखने को कहा गया था, वह भी गायब था। इसके बाद उन्हें समझ आया कि पुलिसकर्मी बताने वाले युवक असल में ठग थे। उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना बताई। स्थानीय लोगों की सलाह पर वह धनबाद थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दी। उपलब्ध जानकारी में आभूषणों की कुल कीमत का उल्लेख नहीं है।
पहचान के भरोसे सौंप दिए कीमती जेवर
इस घटना में आरोपियों ने पहले खुद को जांच करने वाला पुलिसकर्मी बताया, फिर संभावित छिनतई का डर दिखाया। शिकायत के अनुसार, बुजुर्ग को जेवर सुरक्षित रखने का भरोसा देकर ही उनके आभूषण गायब किए गए। मामला अनजान व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा करने के जोखिम को सामने लाता है। जांच या सुरक्षा के नाम पर कोई कीमती सामान उतरवाने को कहे तो पहचान की पुष्टि जरूरी है। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है।












