
- रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र की चर्चित आदिवासी नेत्री और समाजसेवी निशा भगत की मौत के मामले में नया मोड़। पिता हांदू भगत ने लिखित शिकायत देकर मानसिक प्रताड़ना, झूठे मामलों में फंसाने और सोशल मीडिया पर चरित्रहनन करने का लगाया आरोप। मौत से पहले वायरल वीडियो में सामने आए नामों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग।
रांची : झारखंड की चर्चित आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत का मामला अब एक नए विवाद और गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। बेटी को खोने के बाद पिता हांदू भगत ने चुप्पी तोड़ते हुए उसकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। उनका साफ आरोप है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसे सुनियोजित साजिश के तहत जान गंवानी पड़ी। इस संबंध में उन्होंने पिठोरिया थाने में लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पिता की शिकायत के बाद इस मामले में अब मौत से पहले की परिस्थितियों, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और कथित मानसिक प्रताड़ना के आरोपों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। परिवार का कहना है कि निशा को लंबे समय से परेशान किया जा रहा था और उसे सामाजिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की जा रही थी।
मानसिक प्रताड़ना और चरित्रहनन का गंभीर आरोप
हांदू भगत ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी पिछले काफी समय से मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना झेल रही थी। पिता के मुताबिक, निशा को कथित तौर पर बेवजह झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया के माध्यम से उसके चरित्र पर सवाल उठाकर उसे बदनाम करने का प्रयास भी किया गया।
उनका कहना है कि लगातार मिल रहे मानसिक दबाव और सामाजिक प्रताड़ना ने उनकी बेटी को भीतर तक प्रभावित कर दिया था। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि निशा जब कभी घर से बाहर निकलती थी या कहीं आती-जाती थी, तब भी उसे मानसिक रूप से परेशान किया जाता था।
मौत से पहले का वायरल वीडियो बना जांच का अहम पहलू
इस पूरे मामले में निशा भगत का मौत से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो भी महत्वपूर्ण हो गया है। पिता हांदू भगत के अनुसार, दुनिया छोड़ने से पहले निशा ने एक वीडियो या बयान जारी किया था, जिसमें कुछ खास लोगों के नामों का उल्लेख किया गया था।
पिता ने पुलिस से मांग की है कि इस वीडियो को गंभीरता से लिया जाए। उसमें जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की जांच हो और यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से दो व्यक्तियों की भूमिका की ओर इशारा करते हुए उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।
थाने पहुंचकर पिता ने उठाए कई सवाल
बेटी की मौत के बाद हांदू भगत ने पिठोरिया थाने में लिखित आवेदन सौंपकर पुलिस से पूरे मामले की तह तक जाने की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि निशा के साथ कथित तौर पर हुई प्रताड़ना, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और मौत से पहले की घटनाओं को एक साथ जोड़कर जांच की जाए।
परिवार की मांग है कि मामले में किसी भी व्यक्ति को केवल प्रभाव या दबाव के आधार पर राहत नहीं मिलनी चाहिए। यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बेटी को न्याय दिलाना ही पिता की आखिरी उम्मीद
निशा भगत की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। पिता का कहना है कि इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। इसके बावजूद उनकी एक ही मांग है कि बेटी की मौत की वास्तविक परिस्थितियां सामने आएं और उसे न्याय मिले।
एक तरफ परिवार हत्या और साजिश की आशंका जता रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अब पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
निशा भगत की मौत का मामला अब कई अहम सवाल खड़े कर रहा है। क्या मौत से पहले जारी वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच होगी? क्या कथित मानसिक प्रताड़ना और सोशल मीडिया पर चरित्रहनन के आरोपों की सच्चाई सामने आएगी? क्या पिता की शिकायत में जिन लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं, उनसे पूछताछ होगी?
इन सभी सवालों का जवाब पुलिस की निष्पक्ष जांच से ही मिल सकेगा। फिलहाल निशा के पिता की शिकायत ने इस मामले को एक नया मोड़ दे दिया है और अब परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है।












