
जमशेदपुर : झारखंड में शिक्षा विभाग की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने से जुड़ी संस्थाओं के पुराने पदों का पुनर्गठन कर नई व्यवस्था तय की है। इसके तहत झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीइआरटी), रांची और इसके अधीन संचालित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) तथा प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों के पहले से स्वीकृत 733 पदों का नए सिरे से निर्धारण किया गया है। नई व्यवस्था में 441 पद संविदा आधारित होंगे, जबकि 246 कर्मियों की सेवाएं आउटसोर्सिंग के माध्यम से ली जायेंगी।
राज्य मंत्रिपरिषद ने 27 अक्तूबर 2026 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने संकल्प जारी कर पदों के पुनर्गठन और नई व्यवस्था को लागू करने की जानकारी दी है। सरकार का उद्देश्य संस्थानों की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप शैक्षणिक, प्रशासनिक और सहयोगी कर्मचारियों की व्यवस्था करना है।
जेसीइआरटी में 57 और डायट में 384 संविदा पद
पुनर्गठन के बाद जेसीइआरटी के लिए कुल 57 संविदा आधारित पद निर्धारित किये गये हैं। इनमें 45 शैक्षणिक और 12 प्रशासनिक एवं गैर-शैक्षणिक पद शामिल हैं। शैक्षणिक श्रेणी में निदेशक, उप निदेशक, संकाय अध्यक्ष, संकाय सदस्य और शिक्षा सलाहकार के पद रखे गये हैं। वहीं प्रशासनिक श्रेणी में उप निदेशक (प्रशासन), पुस्तकालयाध्यक्ष, लेखा पदाधिकारी, लेखापाल, हिंदी एवं अंग्रेजी संपादक, छात्रावास अधीक्षक, लिपिक, आशुलिपिक और ग्राफिक डिजाइनर-सह-वीडियोग्राफर के पद शामिल हैं।
दूसरी ओर, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों तथा प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों के लिए 384 संविदा पद निर्धारित किये गये हैं। इनमें 312 शैक्षणिक और 72 गैर-शैक्षणिक पद हैं। शैक्षणिक श्रेणी में प्राचार्य और शिक्षक प्रशिक्षक के पद शामिल हैं। जबकि गैर-शैक्षणिक श्रेणी में लेखापाल-सह-लिपिक और प्रयोगशाला अनुसेवक के पद निर्धारित किये गये हैं। इस तरह दोनों स्तरों पर कुल 441 संविदा पदों की व्यवस्था की गयी है।
246 कर्मियों की सेवाएं आउटसोर्सिंग से ली जायेंगी
संविदा नियुक्तियों के अलावा संस्थानों में सहयोगी कर्मचारियों की जरूरत आउटसोर्सिंग से पूरी की जायेगी। जेसीइआरटी में कंप्यूटर ऑपरेटर के नौ, आदेशपाल के आठ, सफाईकर्मी के चार, फराश के तीन, माली के दो और सुरक्षा प्रहरी के चार पदों के अनुरूप अधिकतम 30 मानव बल की आवश्यकता निर्धारित की गयी है।
वहीं, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर, आदेशपाल और सफाईकर्मी के 48-48, फराश के 24 तथा सुरक्षा प्रहरी के 48 कर्मियों की सेवाएं ली जा सकेंगी। इस प्रकार जेसीइआरटी के 30 और डायट के 216, कुल 246 मानव बल आउटसोर्सिंग से उपलब्ध कराये जायेंगे।
पुराने पदों को वर्तमान जरूरत के अनुसार बदला गया
पहले जेसीइआरटी में 41 और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में 692 समेत कुल 733 पद विभिन्न श्रेणियों में स्वीकृत थे। सरकार ने संस्थानों की मौजूदा कार्य आवश्यकताओं का आकलन कर पुराने पदों के स्वरूप में बदलाव किया है। अब शैक्षणिक कार्यों, शिक्षक प्रशिक्षण, प्रशासनिक गतिविधियों और संस्थानों के दैनिक संचालन के लिए अलग-अलग श्रेणियों में मानव संसाधन की व्यवस्था की गयी है।
केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में उठायेंगी खर्च
नई व्यवस्था के तहत संविदा आधारित पदों और आउटसोर्सिंग से प्राप्त सेवाओं पर होने वाले खर्च का वहन केंद्र और राज्य सरकार समग्र शिक्षा योजना के तहत 60:40 के अनुपात में करेंगी। आउटसोर्सिंग से नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर, आदेशपाल, सफाईकर्मी, फराश, माली और सुरक्षा प्रहरी का पारिश्रमिक श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम दैनिक पारिश्रमिक के आधार पर तय होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आउटसोर्सिंग के लिए निर्धारित 246 पद नियमित स्वीकृत पद नहीं माने जायेंगे। इन्हें केवल बाह्य स्रोत से सेवाएं प्राप्त करने के लिए अधिकतम आवश्यक मानव बल की संख्या माना जायेगा। पूरी प्रक्रिया में राज्य सरकार के लागू नियमों, दिशा-निर्देशों और आरक्षण नीति का पालन अनिवार्य होगा।












