
रांची : झारखंड में बढ़ती बिजली मांग के बीच तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड (टीवीएनएल) के विस्तार की योजना तैयार की गई है। लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश से यहां 610-610 मेगावाट की दो नई उत्पादन इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव है। परियोजना पूरी होने पर राज्य को अपने स्रोतों से अधिक बिजली मिल सकेगी। हालांकि, फिलहाल प्रस्ताव को केंद्र के संबंधित मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति की मंजूरी का इंतजार है।
1,220 मेगावाट अतिरिक्त उत्पादन की तैयारी
राज्य सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाले टीवीएनएल में अभी 210-210 मेगावाट की दो इकाइयां हैं। इनकी कुल स्थापित क्षमता 420 मेगावाट है। प्रस्तावित विस्तार से इसमें 1,220 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता जुड़ेगी। इस तरह निगम की कुल स्थापित उत्पादन क्षमता बढ़कर 1,640 मेगावाट हो सकती है। राज्य में दैनिक बिजली मांग लगभग 2,500 से 3,000 मेगावाट बताई गई है। ऐसे में विस्तार के बाद टीवीएनएल सामान्य परिस्थितियों में प्रदेश की जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा करने में सक्षम हो सकता है। इससे बिजली उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मंजूरी मिलते ही आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
विस्तार परियोजना का प्रस्ताव केंद्र के वन एवं जलवायु परिवर्तन से संबंधित मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति के पास विचाराधीन है। टीवीएनएल के प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा के अनुसार, दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखकर परियोजना तैयार की गई है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान इकाइयों में वर्ष 1996 से पूर्ण क्षमता के साथ उत्पादन शुरू हुआ था। लगभग तीन दशक पुराने होने के बावजूद बेहतर देखभाल के कारण इनसे 70 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर बिजली उत्पादन हो रहा है।
जमीन उपलब्ध, आधारभूत सुविधाओं का भी सहारा
बोकारो के ललपनिया स्थित टीवीएनएल के पास लगभग 1,800 एकड़ जमीन है। इसमें करीब 600 एकड़ क्षेत्र कारखाने के लिए है। अधिकारियों और कर्मचारियों की कॉलोनी, रेल लाइन तथा अन्य सुविधाओं के लिए भी जमीन उपलब्ध है। इस उपलब्धता से नई इकाइयों की स्थापना के लिए भूमि संबंधी अड़चनें कम रहने की उम्मीद है। निगम में लगभग 550 स्थायी और करीब इतने ही अस्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं। मौजूदा अनुभवी कर्मचारियों का सहयोग विस्तार के बाद संचालन में भी उपयोगी हो सकता है।
वित्तीय इंतजाम पर भी रहेगा ध्यान
परियोजना के लिए धन की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम पर टीवीएनएल का लगभग 8,100 करोड़ रुपये बकाया है। इस राशि की प्राप्ति विस्तार की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मददगार हो सकती है। शेष रकम के लिए राज्य सरकार के सहयोग की आवश्यकता बताई गई है। झारखंड गठन के समय राज्य की बिजली खपत लगभग 800 से 1,000 मेगावाट थी और टीवीएनएल करीब 400 मेगावाट उपलब्ध कराता था। अब बढ़ती मांग के बीच प्रस्तावित विस्तार से निगम की भूमिका फिर मजबूत होने की उम्मीद है।












