
चाईबासा : गाड़ी खरीदने के लिए रुपये देने वाले ग्राहकों की रकम को लेकर शंकराचार्य मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के दो कर्मचारी जांच के घेरे में हैं। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित इस प्रतिष्ठान के सेल्स मैनेजर और सेल्स पर्सन पर वाहन उपलब्ध कराने के नाम पर ग्राहकों से लाखों रुपये लेने तथा कंपनी के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। कंपनी की शिकायत पर मुफस्सिल थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कंपनी के प्रतिनिधि ने दर्ज कराई शिकायत
मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गितिलिपी चौक स्थित शंकराचार्य मोटर्स से जुड़ा है। कंपनी के प्रतिनिधि महेश कुमार चौहान ने पुलिस को आवेदन देकर कथित अनियमितताओं की जानकारी दी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी में कार्यरत दो कर्मचारियों ने ग्राहकों से वाहन दिलाने के नाम पर रकम वसूली और कंपनी के साथ भी हेराफेरी की। इसी आवेदन के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
सेल्स मैनेजर और सेल्स पर्सन पर आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के जामुड़ा निवासी विदेश राय कंपनी में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत था। वहीं, सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर निवासी अभिषेक कुमार सिंह सेल्स पर्सन के रूप में काम करता था। कंपनी का आरोप है कि दोनों ने मिलकर ग्राहकों से गाड़ी उपलब्ध कराने के लिए रुपये लिए। शिकायत में ग्राहकों से रकम लेने के साथ कंपनी के हितों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस की जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
आंतरिक सत्यापन के बाद सामने आया मामला
दर्ज शिकायत के मुताबिक, कंपनी को 14 मार्च 2026 को कथित गड़बड़ी की जानकारी मिली थी। इसके बाद दोनों कर्मचारियों की सहमति से आंतरिक सत्यापन कराया गया। कंपनी का कहना है कि इस प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आईं। शिकायत में आगे बताया गया है कि सत्यापन के बाद दोनों कर्मचारियों ने कंपनी से संपर्क करना बंद कर दिया। उन्होंने काम पर आना भी छोड़ दिया। कंपनी के अनुसार, उनके मोबाइल फोन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके बाद मामले को पुलिस के समक्ष रखा गया।
रकम वापस मांग रहे ग्राहक
कंपनी की ओर से कहा गया है कि जिन ग्राहकों से रुपये लिए गए थे, वे अब अपनी रकम वापस मांग रहे हैं। ग्राहकों की मांग के कारण प्रतिष्ठान को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस तरह मामला ग्राहकों की रकम और कंपनी के साथ कथित हेराफेरी, दोनों से जुड़ा है। पुलिस प्राथमिकी में दर्ज तथ्यों और आरोपों की पड़ताल कर रही है। जांच के बाद ही कथित लेनदेन की वास्तविक स्थिति और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।












