
जमशेदपुर : शहर में पिछले छह महीने के दौरान हुई गोलीबारी की 29 घटनाओं को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। मंगलवार को आयोजित उच्चस्तरीय क्राइम मीटिंग में कोल्हान डीआईजी ने इन वारदातों की समीक्षा की और अपराध नियंत्रण में लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में गोलीबारी के मामलों, आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों और अपराधियों को आर्थिक मदद देने वालों पर कार्रवाई का मुद्दा प्रमुखता से उठा।
गोलीबारी की घटनाओं पर जवाबदेही तय करने का संकेत
क्राइम मीटिंग में पिछले छह महीने में सामने आई 29 फायरिंग की घटनाओं का उल्लेख करते हुए डीआईजी ने थाना स्तर पर पुलिस की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उनका स्पष्ट संदेश था कि अपराध नियंत्रण में ढिलाई को सामान्य चूक मानकर नहीं छोड़ा जाएगा। संबंधित थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र की आपराधिक गतिविधियों पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। बैठक का केंद्र केवल घटनाओं की संख्या नहीं रहा। गोलीबारी की लगातार सामने आ रही वारदातों के बीच अपराधियों और उनके नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत भी रेखांकित की गई। डीआईजी की चेतावनी ने यह स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर थाना प्रभारियों की भूमिका की समीक्षा होगी।
बिंदल मॉल फायरिंग की भी हुई समीक्षा
बैठक में बिंदल मॉल में हुई फायरिंग सहित अन्य वारदातों पर चर्चा की गई। इन मामलों की समीक्षा के दौरान अपराध में शामिल गिरोहों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया गया। शहर में गोलीबारी की घटनाओं को रोकने के लिए अपराधियों के साथ उनके मददगारों पर भी शिकंजा कसने की आवश्यकता बताई गई। समीक्षा में इस बात को प्रमुखता मिली कि किसी वारदात को अलग घटना मानकर देखने के साथ उसके पीछे सक्रिय आपराधिक नेटवर्क पर भी ध्यान दिया जाए। अपराधियों को सहयोग देने वाले लोगों की भूमिका कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगी।
गिरोहों के साथ फाइनेंसरों पर भी कार्रवाई
डीआईजी ने आपराधिक गिरोहों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाले फाइनेंसरों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। बैठक में अपराधियों के आर्थिक सहयोगियों तक पहुंचने और उनके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को महत्व दिया गया। पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के लिए जिम्मेदारी के साथ काम करने का संदेश दिया गया। इस बैठक में एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब, सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, डीएसपी और विभिन्न थानों के प्रभारी मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में शहर की प्रमुख आपराधिक घटनाओं और पुलिस की जवाबदेही पर विचार किया गया।
बैठक के बाद पूजा पंडालों का निरीक्षण
क्राइम मीटिंग के बाद कोल्हान डीआईजी ने शहर के पूजा पंडालों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान साकची आमबगान, एग्रीको चौक और बिष्टुपुर के पंडालों का दौरा किया गया। अपराध समीक्षा के साथ त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी अधिकारियों के ध्यान में रही।












