
- ई-विद्यावाहिनी के आंकड़ों ने खोली पोल, प्रिंसिपल और सचिव से जवाब तलब; अक्टूबर का वेतन रोकने की चेतावनी
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सितंबर और अक्टूबर 2026 की समीक्षा में ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी निशु कुमारी ने 10 स्कूलों के प्रिंसिपल और सचिव को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले स्कूलों के शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाई जा सकती है।
45 दिनों तक उपस्थिति दर्ज नहीं होने से बढ़ी चिंता
शिक्षा विभाग की समीक्षा में सामने आया कि जिले के कुछ स्कूलों में पिछले 45 दिनों के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति का आंकड़ा शून्य रहा। वहीं, कई स्कूलों में अधिकांश शिक्षकों की दैनिक हाजिरी ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर दर्ज नहीं की गई। विभागीय स्तर पर यह भी शिकायत सामने आई कि कुछ शिक्षक निर्धारित समय से पहले स्कूल परिसर छोड़ देते हैं। ऐसे में स्कूलों में अनुशासन और पठन-पाठन की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विभाग ने माना है कि उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही का असर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर पड़ रहा है। इसके अलावा, ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर आंकड़े अपडेट नहीं होने के कारण राज्य स्तर पर जिले की ओवरऑल रैंकिंग भी प्रभावित हुई है।
बायोमीट्रिक हाजिरी दर्ज करना अनिवार्य
शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार, निजी विद्यालयों को छोड़कर जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त और अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है। इसके साथ ही प्रत्येक माह वेतन विपत्र के साथ बायोमीट्रिक उपस्थिति का प्रमाण भी संलग्न करना है।
इसके बावजूद कई स्कूलों में उपस्थिति संबंधी निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था। सितंबर और अक्टूबर के आंकड़ों की समीक्षा के बाद विभाग ने संबंधित स्कूल प्रबंधन को जवाबदेह ठहराते हुए नोटिस जारी किया है।
इन 10 स्कूलों को जारी किया गया नोटिस
जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से जिन स्कूलों के प्रिंसिपल और सचिव को नोटिस जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:
1. गुरुनानक उच्च विद्यालय, साकची
2. विवेकानंद विद्यालय, साकची
3. श्यामा प्रसाद उच्च विद्यालय, खासमहल
4. गुरुनानक उच्च विद्यालय, मानगो
5. बीएसएस प्रणवानंद विद्या मंदिर, सोनारी
6. रामकृष्ण मिशन लेडी इंदर सिंह उच्च विद्यालय, इंद्रानगर
7. श्रीरामकृष्ण उच्च विद्यालय, बिष्टुपुर
8. एडीएल सोसाइटी उच्च विद्यालय, कदमा
9. संत मेरी हिंदी उच्च विद्यालय, बिष्टुपुर
10. प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय, माचा, पटमदा
अक्टूबर का वेतन ई-विद्यावाहिनी की हाजिरी के आधार पर
जिला शिक्षा पदाधिकारी निशु कुमारी ने निर्देश दिया है कि 16 अक्टूबर से सभी शिक्षक अपनी उपस्थिति अनिवार्य रूप से ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर दर्ज करें। साथ ही विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति भी नियमित रूप से अपलोड की जाए।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अक्टूबर महीने का वेतन विपत्र ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर दर्ज बायोमीट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही जारी किया जाएगा। जिन विद्यालयों में उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही पाई जाएगी, उन्हें चिह्नित कर संबंधित शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने की कार्रवाई की जा सकती है।
स्कूल प्रबंधन की बढ़ेगी जवाबदेही
नोटिस जारी कर शिक्षा विभाग ने स्कूलों के प्रिंसिपल और सचिव से उपस्थिति दर्ज नहीं किए जाने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। अब संबंधित स्कूल प्रबंधन को यह बताना होगा कि विभागीय निर्देशों के बावजूद शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति नियमित रूप से पोर्टल पर क्यों दर्ज नहीं की गई।
विभाग के इस कदम को स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और पठन-पाठन की व्यवस्था सुधारने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि नोटिस के बाद संबंधित स्कूलों में उपस्थिति व्यवस्था कितनी सुधरती है और शिक्षा विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।












