
जमशेदपुर | जमशेदपुर के पोटका प्रखंड में नेशनल हाईवे-220 की जर्जर हालत अब लोगों के लिए जानलेवा बनती जा रही है। हल्दीपोखर से हेंसड़ा तक करीब 5 किलोमीटर लंबी सड़क पिछले 8 से 10 वर्षों से बदहाल पड़ी है, जिसके कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, इस सड़क से गुजरना अब खतरे से खाली नहीं है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग अब तक पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।
ग्रामीण सूरज मुर्मू, सलमा टुडू और कल्पना हांसदा ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी भी ग्रामीणों को ही उठानी पड़ती है, जिससे वे परेशान हैं।
सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और उबड़-खाबड़ सतह के कारण भारी वाहनों के गुजरने से कंपन होता है। इससे सड़क किनारे बने कच्चे मकानों में दरारें पड़ने लगी हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ग्रामीणों ने खुद श्रमदान कर तीन बार सड़क की मरम्मत की कोशिश की, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका।
बारिश के दिनों में हालात और बिगड़ जाते हैं। सड़क पूरी तरह तालाब में तब्दील हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। वहीं, खराब सड़क के कारण इलाके में धूल और प्रदूषण भी तेजी से फैल रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से इस सड़क की कोई ठोस मरम्मत नहीं हुई है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और लोगों को राहत मिल सके।
रिपोर्ट – बिनोद केसरी, जमशेदपुर | संपर्क: 9431906113 / 6203488947
