
रांची: झारखंड की राजधानी रांची पहली बार एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट 135वें डूरंड कप-2026 की मेजबानी करने जा रही है। राज्य सरकार के पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग ने इसे राज्य के खेल इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। प्रतियोगिता के तहत रांची में पहला मुकाबला 26 जुलाई को खेला जाएगा, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। आयोजन को लेकर बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम, मोरहाबादी में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में खेल निदेशक छवि रंजन ने बताया कि टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक खेल प्रेमी मैच का आनंद ले सकें, इसके लिए राज्य सरकार ने सभी मुकाबलों के लिए निशुल्क टिकट की व्यवस्था की है।
22 जुलाई से 16 अगस्त 2026 तक दर्शकों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच स्टेडियम परिसर से मुफ्त टिकट दिए जाएंगे। एक व्यक्ति को अधिकतम चार टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे। टिकट वितरण के लिए गेट नंबर 11 से 13 के बीच 10 काउंटर तथा गेट नंबर 23 के पास दो अतिरिक्त काउंटर बनाए गए हैं। प्रशासन ने दर्शकों से समय से पहले स्टेडियम पहुंचने की अपील की है ताकि सुरक्षा जांच के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
खेल निदेशक ने बताया कि वर्ष 1888 में शुरू हुआ डूरंड कप एशिया का सबसे पुराना और दुनिया का तीसरा सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है। इस बार प्रतियोगिता के 135वें संस्करण में 24 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें इंडियन सुपर लीग (ISL), आई-लीग के क्लबों के अलावा भारतीय सशस्त्र बलों और विदेशी सैन्य टीमों की टीमें भी शामिल होंगी। टूर्नामेंट के मुकाबले देश के पांच अलग-अलग मेजबान शहरों में खेले जाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। स्टेडियम में प्रवेश के दौरान कड़ी जांच की जाएगी। दर्शकों को हथियार, पटाखे, बड़े बैग, बाहरी खाद्य सामग्री, शराब, तंबाकू उत्पाद, ड्रोन, प्रोफेशनल कैमरे, लैपटॉप, बड़े पावर बैंक, हेलमेट, मेगाफोन, एयर हॉर्न, बड़े झंडे, लेजर पॉइंटर और एरोसोल स्प्रे जैसी वस्तुएं लाने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों को स्टेडियम में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
