
चांडिल: सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली नगर परिषद क्षेत्र में शुक्रवार को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसा कपाली के वार्ड संख्या-2 स्थित मिल्लत नगर में हुआ। मकान गिरने के समय अंदर मौजूद तीन महिलाएं मलबे की चपेट में आकर घायल हो गईं, जबकि घर में मौजूद दो बच्चे स्थानीय लोगों की तत्परता से सुरक्षित बच गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण मकान की दीवारें और छत पहले से कमजोर हो गई थीं। शुक्रवार को तेज बारिश के बीच अचानक मकान का एक हिस्सा ढह गया और देखते ही देखते पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बिना देर किए राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया।
हादसे में करीब 62 वर्षीय हसीना बानो, उनकी करीब 45 वर्षीय बेटी नाजनीन बानो और करीब 25 वर्षीय नतनी मुस्कान घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने तीनों को मलबे से बाहर निकाला और तत्काल रामू चौक के समीप स्थित टीएनबी नर्सिंग होम पहुंचाया। यहां तीनों महिलाओं का इलाज चल रहा है। फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर चिकित्सकों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
बच्चों को सुरक्षित निकालने में जुटे स्थानीय लोग
मकान गिरने के समय दो बच्चे भी घर के अंदर मौजूद थे। अचानक मकान गिरने से दोनों बच्चे भी मलबे और टूटे हुए हिस्सों के बीच फंसने के खतरे में आ गए थे। हालांकि, आसपास के लोगों ने समय रहते मौके पर पहुंचकर दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही कपाली पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने घायलों के इलाज की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। साथ ही मकान गिरने के कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी गई है।
बारिश ने बढ़ाई कच्चे मकानों में रहने वालों की चिंता
लगातार हो रही बारिश के कारण कपाली क्षेत्र में कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान ऐसे मकानों के गिरने का खतरा लगातार बना रहता है। उन्होंने प्रशासन और नगर परिषद से क्षेत्र में जर्जर एवं कच्चे मकानों का सर्वे कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अत्यधिक जर्जर मकानों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री और जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई जाए। फिलहाल तीनों घायल महिलाओं का टीएनबी नर्सिंग होम में इलाज जारी है। स्थानीय लोगों की तत्परता से तीन महिलाओं को समय रहते मलबे से बाहर निकाल लिया गया और दो बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

