
कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले में गुरुवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में चर्चा और श्रद्धा का माहौल बना दिया। सतगावां प्रखंड के जामुनटोली गांव में एक किसान के खेत से जुताई के दौरान शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है। सूचना फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे और देखते ही देखते खेत पूजा-अर्चना का केंद्र बन गया। किसान अजीत यादव अपने खेत की जुताई कर रहे थे। इसी दौरान हल जमीन के अंदर किसी ठोस वस्तु से टकरा गया। जब उस स्थान की खुदाई की गई तो मिट्टी के भीतर से करीब दो फीट ऊंचा भूरे रंग का शिवलिंगनुमा पत्थर निकला। ग्रामीणों ने इसे शिवलिंग मानते हुए श्रद्धा के साथ पूजा शुरू कर दी।
घोड़सीमर, मीरगंज, ढाब और आसपास के कई गांवों के लोग मौके पर पहुंचे। महिलाओं ने मंगलगीत गाए और जलाभिषेक किया, जबकि ग्रामीणों ने फूल-माला चढ़ाकर भगवान शिव का जयघोष किया। कुछ ही घंटों में यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और लोगों की भीड़ जुटने लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पत्थर की बनावट और आकार इसे काफी प्राचीन दर्शाता है। कई श्रद्धालु इसे घोड़सीमर धाम की महिमा से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुरातत्व विभाग की टीम बुलाकर इसकी वैज्ञानिक जांच कराई जाए, ताकि इसके इतिहास और वास्तविक प्राचीनता की जानकारी सामने आ सके। गौरतलब है कि घोड़सीमर धाम झारखंड के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों में गिना जाता है। सकरी नदी के किनारे स्थित इस धाम से जुड़ी कई पौराणिक मान्यताएं प्रचलित हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले भी खुदाई के दौरान कई प्राचीन देवी-देवताओं की मूर्तियां और धार्मिक अवशेष मिल चुके हैं। ऐसे में खेत से मिले इस शिवलिंग ने एक बार फिर घोड़सीमर धाम की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
