
जमशेदपुर: रहारगोड़ा रेलवे फाटक पर वर्षों से लंबित रेल ओवरब्रिज और अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर रविवार को स्थानीय लोगों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रवासी सड़क पर उतर आए तथा रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़क पर बैठकर धरना दिया, नारेबाजी की और टायर जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। धरने का नेतृत्व जुगसलाई विधायक प्रतिनिधि मिथुन चक्रवर्ती और उत्तर-पश्चिम गदरा पंचायत की मुखिया सुनीता नाग ने किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सालगझूरी, बारिगोड़ा, रहारगोड़ा और गोविंदपुर क्षेत्र के रेलवे फाटक दिनभर कई बार बंद रहते हैं, जिससे हजारों लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। फाटक बंद होने के कारण लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे छात्रों, कर्मचारियों, मरीजों और व्यापारियों को विशेष दिक्कत होती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन रेलवे और संबंधित विभाग उनकी मूलभूत जरूरतों की अनदेखी कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई वर्ष पहले यहां रेल ओवरब्रिज और अंडरपास निर्माण की घोषणा की गई थी। करीब तीन वर्ष पूर्व परियोजना का शिलान्यास भी हुआ, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल सांकेतिक आंदोलन था। यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। लोगों ने यह भी कहा कि रेलवे ट्रैक के कारण कई बस्तियों का शहर से संपर्क प्रभावित होता है और आपातकालीन परिस्थितियों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। धरने के दौरान क्षेत्र के सांसद के प्रति भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों ने जनप्रतिनिधियों से जल्द हस्तक्षेप कर परियोजना को धरातल पर उतारने की मांग की और चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े स्तर पर जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
