
- कर्मचारियों की सेहत को ध्यान में रखकर लागू हुआ नया हेल्दी फूड मेनू, नाश्ते में पोहा, उपमा, मूंग दाल चीला और उबला चना भी मिलेगा
- टाटा वर्कर्स यूनियन की मांग पर प्रबंधन ने दी मंजूरी, दूरदराज के विभागों तक समय पर नाश्ता और भोजन पहुंचाने की भी नई व्यवस्था।
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने अपने कर्मचारियों की सेहत और पोषण को ध्यान में रखते हुए प्लांट की कैंटीन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब कंपनी की कैंटीन में कर्मचारियों को महज 1.50 रुपये में ग्रीन टी और ब्लैक कॉफी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही नाश्ते के मेनू में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल किया गया है। नए मेनू में पोहा, दलिया, उपमा, मूंग दाल चीला, उबला चना और उबला शकरकंद जैसे विकल्प मिलेंगे। कंपनी प्रबंधन ने टाटा वर्कर्स यूनियन के सुझावों को स्वीकार करते हुए हेल्दी फूड आधारित नए मेनू और वर्क ऑर्डर को मंजूरी दी है।
कर्मचारियों की सेहत पर विशेष जोर
वर्क्स जनरल ऑफिस (डब्ल्यूजीओ) में चीफ एचआरएम यशवंत पांडे की अध्यक्षता में आयोजित सेंट्रल कैंटीन मैनेजिंग कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में कर्मचारियों की सेहत, पोषण और खानपान की आदतों को ध्यान में रखते हुए कैंटीन के मेनू में बदलाव पर सहमति बनी।
हाल के वर्षों में मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए टाटा वर्कर्स यूनियन लगातार पौष्टिक भोजन के विकल्प बढ़ाने की मांग कर रही थी। इसी के तहत कैंटीन में हेल्दी फूड मेनू लागू करने की दिशा में कदम उठाया गया है
नाश्ते में मिलेंगे कई पौष्टिक विकल्प
नए मेनू में कर्मचारियों को पारंपरिक नाश्ते के साथ कई पौष्टिक विकल्प भी उपलब्ध होंगे। नाश्ते में मिल्क कॉफी, दलिया, उपमा, ओट्स उपमा, मूंग दाल चीला, उबला चना और उबला शकरकंद मिलेगा।
वहीं, पारंपरिक स्वाद पसंद करने वाले कर्मचारियों के लिए झालमुड़ी, दाल पूरी, मेदू वड़ा, ढोकला, पोहा, सेवई, पकौड़ा और लिट्टी की भी व्यवस्था रहेगी। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को उनकी पसंद के अनुसार अलग-अलग खाद्य विकल्प उपलब्ध कराना है।
लंच में हाफ, फुल और एक्स्ट्रा प्लेट की सुविधा
दोपहर के भोजन में भी कर्मचारियों की जरूरत के अनुसार विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। कैंटीन में हाफ प्लेट, फुल प्लेट और एक्स्ट्रा प्लेट की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, प्रोटीन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पूरे साल उबला अंडा भी उपलब्ध रहेगा।
कंपनी की इस पहल से कर्मचारियों को अपने खानपान के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे। हालांकि, ग्रीन टी और ब्लैक कॉफी की 1.50 रुपये की दर को पूरे मेनू की कीमत नहीं समझना चाहिए; यह दर इन दोनों पेय पदार्थों के लिए बताई गई है।
दूरदराज के विभागों तक पहुंचेगा नाश्ता
टाटा स्टील के प्लांट परिसर में भारी रेल और सड़क यातायात के कारण दूर स्थित विभागों तक समय पर नाश्ता और भोजन पहुंचाना चुनौतीपूर्ण रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए कैंटीन से संबंधित व्यवस्था में बदलाव किया गया है। जोन का नए सिरे से विभाजन किया गया है, ताकि अलग-अलग विभागों तक भोजन समय पर पहुंच सके।
इसके साथ ही नाश्ता वितरण की समय-सारणी का कड़ाई से पालन करने का निर्णय लिया गया है।
- कैंटीन में नाश्ता: सुबह 8 बजे से 10 बजे तक
- ट्रॉली पॉइंट पर नाश्ता वितरण: सुबह 8 बजे से 9:30 बजे तक।
यूनियन की मांग पर हुआ बदलाव
टाटा वर्कर्स यूनियन लंबे समय से कर्मचारियों के लिए बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक भोजन विकल्प उपलब्ध कराने की मांग कर रही थी। नए मेनू को मंजूरी मिलने के बाद कैंटीन व्यवस्था में पोषण, स्वच्छता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी गई है।
बैठक में सहायक सचिव नितेश राज, हेड कैंटीन रिचा केडिया, सीनियर मैनेजर शौकत खान, पीके चौधरी, उमाशंकर पटनायक और टाटा वर्कर्स यूनियन के कई कमेटी सदस्य उपस्थित थे।
नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को काम के दौरान बेहतर खानपान के विकल्प उपलब्ध कराना और कैंटीन सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाना है।












