
नई दिल्ली : UPI से पेमेंट करने वालों के लिए अहम खबर है। ₹2,000 से अधिक के कुछ UPI ट्रांजैक्शन पर ₹5 तक का शुल्क लग सकता है। हालांकि, आम ग्राहकों को इसका भुगतान नहीं करना होगा। यह शुल्क मर्चेंट यानी व्यापारियों से लिया जाएगा।
₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं
केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, ₹2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन या RuPay-पावर्ड डेबिट कार्ड से किए गए पेमेंट पर ग्राहक से कोई चार्ज नहीं लिया जा सकता। ऐसे में दुकानदार या ग्राहक को सीधे तौर पर अतिरिक्त भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी।
₹2,000 से ऊपर के कुछ पेमेंट पर MDR लागू
नए नियम के तहत ₹2,000 से अधिक के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे ट्रांजैक्शन पर अधिकतम ₹5 तक का चार्ज लिया जा सकता है। यह शुल्क ग्राहक के बजाय मर्चेंट से वसूला जाएगा।
ग्राहक को देना होगा या नहीं ₹5?
इस बदलाव का सबसे अहम हिस्सा यही है। UPI से भुगतान करने वाले आम ग्राहक के लिए UPI पेमेंट मुफ्त रहेगा। ₹5 का शुल्क मर्चेंट-साइड पर लागू होने की बात कही गई है। इसलिए किसी दुकानदार द्वारा ग्राहक से अलग से ₹5 वसूलने की स्थिति नियमों के अनुरूप है या नहीं, यह संबंधित ट्रांजैक्शन और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।
MDR क्या होता है?
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है, जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के लिए मर्चेंट की ओर से पेमेंट इकोसिस्टम को दिया जाता है। इससे मिलने वाला शुल्क बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और अन्य संबंधित पक्षों के बीच बांटा जाता है।
15 अक्टूबर से लागू होने की बात
रिपोर्ट के अनुसार, UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट से जुड़ा यह नया नियम 15 अक्टूबर से लागू होने की बात कही गई है। इसका असर मुख्य रूप से बड़े मूल्य वाले मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा।
यानी सीधी बात: ₹2,000 तक UPI पेमेंट पर ग्राहक से कोई चार्ज नहीं, जबकि ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर ₹5 तक MDR मर्चेंट से लिया जा सकता है।











