
रुड़की : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने शनिवार को आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में अपने शुरुआती खुफिया करियर का एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने एक समय उन्हें अपना करियर खत्म होने का डर दे दिया था। डोभाल के मुताबिक, युवा आईपीएस अधिकारी के तौर पर सिक्किम में तैनाती के दौरान उनकी जिम्मेदारी सीमा क्षेत्रों पर नजर रखने और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाने की थी।
मिशन पर गई टीम तय समय पर नहीं लौटी
डोभाल ने बताया कि एक बार उन्होंने सीमा क्षेत्र में एक खुफिया टीम को मिशन पर भेजा। टीम के कुछ दिनों में लौटने की उम्मीद थी, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। पांच-छह दिन के बजाय करीब 10-15 दिन गुजरने लगे तो उनकी चिंता बढ़ गई।
इसी दौरान मुख्यालय से उन्हें फोन आया। वहां से बताया गया कि मिशन पर गई टीम चीनी हिरासत में है। डोभाल के अनुसार, बाद में बातचीत या किसी तरह की व्यवस्था के बाद टीम को छोड़ दिया गया।
लगा था अब करियर खत्म हो जाएगा
डोभाल ने छात्रों को बताया कि इस घटना के बाद उन्हें लगा कि उनका करियर समाप्त हो गया है। मामले की जांच शुरू हुई। उन्हें डर था कि मिशन में हुई चूक के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
हालांकि, जांच में उनकी गलती नहीं पाई गई। डोभाल ने बताया कि संभवतः उनकी ओर से जरूरी प्रक्रियाएं सही तरीके से पूरी की गई थीं, लेकिन मुख्यालय से उपलब्ध नक्शों और स्केच में खामियां थीं।
बुजुर्ग शेरपा ने दी जिंदगी की बड़ी सीख
मुश्किल दौर में डोभाल के साथ काम करने वाले एक बुजुर्ग तिब्बती शेरपा ने उनसे उनकी परेशानी का कारण पूछा। डोभाल ने उसे अपने करियर को लेकर चिंता बताई।
शेरपा ने इसे ‘मैप रीडिंग’ से जोड़ते हुए उन्हें तीन बातें समझाईं—आपको पता होना चाहिए कि आप कहां हैं, आपको कहां जाना है और वहां पहुंचने का रास्ता क्या है। डोभाल ने बताया कि यह बात उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण सीख बन गई।
छात्रों से बोले- मुश्किल दौर में दिशा न खोएं
डोभाल ने अपने अनुभव के जरिए आईआईटी रुड़की के विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि करियर और जीवन में कठिन परिस्थितियां आ सकती हैं। ऐसे समय में व्यक्ति को अपनी वर्तमान स्थिति, लक्ष्य और वहां तक पहुंचने के रास्ते को स्पष्ट रखना चाहिए।
उनका यह अनुभव आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में छात्रों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय रहा।











