
जमशेदपुर : जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (जेएफसी) के संचालन को लेकर टाटा स्टील ने बड़ा फैसला लिया है। अब क्लब की कमान गोवा के चर्चिल ब्रदर्स के हाथों में होगी। टाटा स्टील ने जमशेदपुर स्पोर्टिंग एंड फुटबॉल क्लब लिमिटेड के शेयर महज 100 रुपये की नाममात्र राशि में चर्चिल ब्रदर्स को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। यह फैसला आगामी इंडियन फुटबॉल लीग से पहले लिया गया है और इसके पीछे सबसे बड़ी प्राथमिकता क्लब से जुड़े खिलाड़ियों और कोचों का भविष्य सुरक्षित रखना है।
छह सितंबर से शुरू होगी लीग, उससे पहले बड़ा फैसला
शुक्रवार को जमशेदपुर फुटबॉल क्लब पवेलियन में आयोजित प्रेस वार्ता में टाटा स्टील कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदर राम और जेएफसी के सीईओ मुकुल चौधरी ने इस फैसले की जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि छह सितंबर से शुरू होने वाली इंडियन फुटबॉल लीग को देखते हुए क्लब के संचालन को लेकर यह कदम उठाया गया है। वर्तमान में जेएफसी के साथ 12 अनुबंधित पेशेवर खिलाड़ी और दो कोच जुड़े हुए हैं। टाटा स्टील का कहना है कि क्लब के संचालन में बदलाव के बावजूद खिलाड़ियों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
खिलाड़ियों को मिला बड़ा विकल्प, एक साल का अनुबंध रहेगा सुरक्षित
जेएफसी के खिलाड़ियों के लिए सबसे अहम बात यह है कि उनके मौजूदा अनुबंध को लेकर टाटा स्टील ने स्पष्ट स्थिति रखी है। खिलाड़ियों के पास चर्चिल ब्रदर्स के साथ जुड़ने का विकल्प होगा।
यदि कोई खिलाड़ी नई व्यवस्था में चर्चिल ब्रदर्स के साथ नहीं जाना चाहता है, तो टाटा स्टील के साथ उसका एक वर्ष का अनुबंध बरकरार रहेगा। कंपनी ने साफ किया है कि वह मौजूदा अनुबंध का पूरा सम्मान करेगी। खिलाड़ियों से इस संबंध में बातचीत भी शुरू कर दी गई है। इससे क्लब में बदलाव के बीच खिलाड़ियों के करियर को लेकर पैदा होने वाली अनिश्चितता काफी हद तक खत्म होती दिखाई दे रही है।
सबसे बड़ा सवाल-JFC का नाम रहेगा या बदलेगा?
क्लब की कमान बदलने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल जेएफसी के नाम और पहचान को लेकर है। क्या टीम आगे भी जमशेदपुर फुटबॉल क्लब के नाम से ही मैदान पर उतरेगी या चर्चिल ब्रदर्स कोई नया नाम देगा?
टाटा स्टील ने फिलहाल इस पर कोई अंतिम जानकारी नहीं दी है। डीबी सुंदर राम ने कहा कि कंपनी ने जमशेदपुर स्पोर्टिंग एंड फुटबॉल क्लब लिमिटेड के शेयर हस्तांतरित किए हैं। अब टीम का नाम और आगे की संचालन व्यवस्था नई संचालक संस्था तय करेगी।
शेयर हस्तांतरण से संबंधित आधिकारिक सूचना शुक्रवार को मुंबई स्टॉक एक्सचेंज को भी दे दी गई है।
डूरंड कप में जारी रहेगा टीम का सफर
टाटा स्टील ने यह भी स्पष्ट किया कि डूरंड कप समेत राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल प्रतियोगिताओं में टीम की भागीदारी जारी रहेगी। हालांकि जमशेदपुर में भविष्य में इंडियन फुटबॉल लीग के मैच होंगे या नहीं, इस पर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। कंपनी ने कहा कि जमशेदपुर में उपलब्ध फुटबॉल सुविधाएं सभी टीमों और खिलाड़ियों के लिए खुली रहेंगी। कोई भी टीम यहां अभ्यास या मैच कर सकती है।
महिला फुटबॉल पर भी टाटा स्टील का बड़ा प्लान
जेएफसी की संचालन व्यवस्था में बदलाव के बीच टाटा स्टील ने महिला फुटबॉल को लेकर भी अपनी अगली रणनीति सामने रखी है। कंपनी महिला खिलाड़ियों के लिए फुटबॉल अकादमी तैयार कर रही है।
टाटा फुटबॉल अकादमी की महिला टीम को भविष्य में वूमेन्स फुटबॉल लीग में उतारने की योजना है। इसके लिए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं और जल्द ही अकादमी का स्वरूप सामने आने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, ₹100 में शेयर हस्तांतरण ने जमशेदपुर फुटबॉल की दुनिया में बड़ा बदलाव ला दिया है। क्लब की कमान अब चर्चिल ब्रदर्स के पास होगी, लेकिन टाटा स्टील ने खिलाड़ियों के अनुबंध और फुटबॉल विकास को लेकर अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटने का स्पष्ट संदेश दिया है। अब नजर इस बात पर होगी कि नई व्यवस्था में जेएफसी किस नाम और किस अंदाज में मैदान पर उतरता है।

