
पुणे : पुणे पुलिस ने सरकारी नौकरी में खेल कोटे का लाभ लेने के लिए 1000 से ज्यादा फर्जी खेल प्रमाणपत्र जारी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने करीब 60 ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन्होंने सरकारी पदों के लिए आवेदन करते समय इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
कभी आयोजित नहीं हुईं प्रतियोगिताओं के भी बनाए रिकॉर्ड
पुलिस अधिकारी के अनुसार, महाराष्ट्र कुराश एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव ने कथित तौर पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए। जांच में सामने आया कि कुछ प्रतियोगिताएं ऐसी थीं, जो वास्तव में आयोजित ही नहीं हुई थीं। इनके नाम पर खिलाड़ियों के लिए प्रमाणपत्र तैयार किए गए।
पुलिस को शिकायत मिली थी कि खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवारों को कुराश और अन्य खेलों के फर्जी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शिकायत के बाद जांच शुरू की गई।
आरटीआई से मिले दस्तावेजों में भी गड़बड़ी
जांच के दौरान आरटीआई आवेदन के जरिये मिले दस्तावेजों की भी जांच की गई। इनमें कई गड़बड़ियां सामने आईं। पुलिस के मुताबिक प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर भी कथित तौर पर स्कैन कर लगाए गए थे।
अधिकारी ने बताया कि यह गिरोह वर्ष 2016 के बाद से सक्रिय था। आशंका है कि इस दौरान एक हजार से अधिक फर्जी प्रमाणपत्र बांटे गए। पुलिस अब इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करने वाले लोगों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।

पुलिस ने करीब 60 लोगों की पहचान की है, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी के लिए आवेदन किया। आरोपितों से पूछताछ के आधार पर पुलिस फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने और उन्हें अभ्यर्थियों तक पहुंचाने वाले अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।
कुराश एक प्रकार की कुश्ती है, जिसकी शुरुआत मध्य एशिया में हुई थी। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त खेल है और महाराष्ट्र में वर्ष 2012 से महाराष्ट्र कुराश एसोसिएशन के तहत खेला जा रहा है।










