
मोतिहारी : भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मोहिबुल हक ने मुस्लिम समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उनका दावा है कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बनने के बाद देश के मुसलमानों को सही अर्थों में आगे बढ़ने और मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिला। उन्होंने पिछली सरकारों पर अल्पसंख्यक समुदाय को विकास से दूर रखने का भी आरोप लगाया। मोहिबुल हक शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाने के बाद मोतिहारी पहुंचे थे। यहां उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और मुस्लिम समाज में आए बदलावों पर अपनी बात रखी।
पहले मुख्यधारा से दूर रखने का आरोप
भाजपा नेता ने दावा किया कि पहले मुस्लिम बच्चों को जानबूझकर शिक्षा और रोजगार की मुख्यधारा से दूर रखा गया। उनके अनुसार, एक समय समुदाय के युवाओं को सीमित कामों तक ही देखा जाता था। हालांकि, उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद परिस्थितियों में बड़ा परिवर्तन आया है और युवाओं के लिए शिक्षा तथा रोजगार के नए रास्ते खुले हैं। यह बयान पूरी तरह मोहिबुल हक का राजनीतिक दावा है। खबर के लिए उपलब्ध सामग्री में उनके दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया गया है।
बड़े पदों तक पहुंच रहे युवा
मोहिबुल हक ने कहा कि आज अल्पसंख्यक समाज के युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि समुदाय से आने वाले लोग सीए, बीडीओ, डॉक्टर, आईएएस, आईपीएस और न्यायिक सेवाओं सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर पहुंच रहे हैं। उनका कहना था कि मुस्लिम समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इससे युवाओं में आत्मविश्वास पैदा हुआ है और वे पारंपरिक रोजगार से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में अपना भविष्य बना रहे हैं।
सबका साथ, सबका विकास’ का किया उल्लेख
भाजपा नेता ने केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका लाभ बिना किसी धार्मिक या सामाजिक भेदभाव के पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र का उल्लेख करते हुए इसे समावेशी विकास की नीति बताया। हक ने कहा कि सरकार की योजनाओं से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और अन्य योजनाओं ने अल्पसंख्यक परिवारों के लिए भी संभावनाएं बढ़ाई हैं।
बयान पर राजनीतिक चर्चा संभव
मुस्लिम समाज की स्थिति को लेकर दिया गया यह बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकता है। एक ओर मोहिबुल हक ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं दूसरी ओर पिछली सरकारों की नीतियों पर सवाल खड़े किए। फिलहाल इन दावों पर अन्य राजनीतिक दलों या संगठनों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।











