
जमशेदपुर: महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सकों ने गंभीर हालत में पहुंची एक महिला की जान बचाने में सफलता हासिल की। नोवामुंडी निवासी जायत्री देवी के गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी थी और उसकी बच्चेदानी भी फट गई थी। बच्चेदानी फटने के कारण पेट के अंदर तेजी से रक्तस्राव हो रहा था, जिससे महिला की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी।
चाईबासा से गंभीर हालत में एमजीएम रेफर
परिजन महिला को पहले चाईबासा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर देखते हुए उसे एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। महिला रात करीब 11 बजे एमजीएम पहुंची। अस्पताल पहुंचने के समय उसकी हालत काफी नाजुक थी।
एमजीएम के चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए महिला को वेंटिलेटर पर रखा गया। आवश्यक उपचार के बाद जब उसकी स्थिति ऑपरेशन के लिए स्थिर हुई, तो चिकित्सकों ने तत्काल सर्जरी करने का निर्णय लिया।
ऑपरेशन में बाहर निकाला गया मृत बच्चा
ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने महिला के पेट से मृत बच्चे को बाहर निकाला। इसके साथ ही फट चुकी बच्चेदानी की मरम्मत की गई। अत्यधिक रक्तस्राव के बावजूद चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने तत्काल उपचार जारी रखा।
महिला का ऑपरेशन डॉ. आर्शी परवीन ने किया, जबकि डॉ. रिया की भी उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऑपरेशन के बाद महिला को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और उसका उपचार जारी है।
गर्भ ठहरने के बाद एक बार भी नहीं कराई जांच
चिकित्सकों के अनुसार, महिला ने गर्भवती होने के बाद एक बार भी गर्भावस्था की जांच नहीं कराई थी। इसके कारण गर्भ में पल रहे बच्चे की स्थिति और मां के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी नहीं हो सकी।
चिकित्सकों ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच बेहद महत्वपूर्ण है। इससे मां और गर्भस्थ शिशु की स्थिति की समय पर जानकारी मिल सकती है और किसी गंभीर समस्या की पहचान शुरुआती स्तर पर ही की जा सकती है।
समय पर अस्पताल पहुंचना रहा अहम
महिला की हालत बिगड़ने के बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। चाईबासा से रेफर किए जाने के बाद एमजीएम में चिकित्सकों ने बिना देरी किए उपचार शुरू किया। वेंटिलेटर सपोर्ट से स्थिति नियंत्रित करने के बाद जटिल ऑपरेशन किया गया और फिलहाल महिला चिकित्सकीय निगरानी में है।
चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं से नियमित प्रसवपूर्व जांच कराने और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है।











