
जमशेदपुर/रांची: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) में इंटरनल ऑडिट से जुड़े रिश्वत के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने आरएएफ के लेखा अधिकारी सोनू कुमार को 14 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। मामला आरएएफ की 106वीं बटालियन, जमशेदपुर से जुड़ा है।
हवलदार की शिकायत पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
सीबीआई के अनुसार, आरएएफ जमशेदपुर के हवलदार राकेश कुमार सिंह ने शिकायत की थी कि इंटरनल ऑडिट के दौरान उनसे संबंधित भुगतान की प्रक्रिया को लेकर रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 16 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सीआरपीएफ के इंटरनल ऑडिट से जुड़े कर्मचारी सोनू कुमार उनसे संपर्क करना चाहते थे। जांच के दौरान सीबीआई ने शिकायत की पुष्टि के बाद कार्रवाई की और सोनू कुमार को 14 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
ऑडिट में 1.99 लाख रुपये के भुगतान का मामला
जांच में सामने आया कि आरएएफ की 106वीं बटालियन, जमशेदपुर में इंटरनल ऑडिट चल रहा था। इसी दौरान हवलदार के हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) से जुड़े भुगतान की जांच हुई। आरोप है कि ऑडिट में करीब 1.99 लाख रुपये से अधिक के भुगतान की वसूली की बात सामने आई थी।
आरोप है कि इस रकम की वसूली से बचाने के लिए सोनू कुमार ने हवलदार से 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। बाद में सीबीआई की कार्रवाई में पहली किस्त के रूप में 14 हजार रुपये लेते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका पर संदेह
सोनू कुमार से पूछताछ के दौरान सीबीआई को उनके वरिष्ठ लेखा अधिकारी संतोष कुमार की भूमिका पर भी संदेह हुआ। इसके बाद सीबीआई टीम ने पटना स्थित संतोष कुमार के आवास की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान सीबीआई ने 60 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति खरीद से जुड़े दस्तावेज जब्त किए। इसके अलावा मोबाइल फोन और लैपटॉप से कथित तौर पर आपत्तिजनक चैट व डेटा भी बरामद किए गए।
गिरफ्तारी के बाद चैट और डेटा डिलीट करने का आरोप
जांच के दौरान सीबीआई को कथित तौर पर यह भी पता चला कि सोनू कुमार की गिरफ्तारी के बाद संतोष कुमार ने अपने मोबाइल फोन से सोनू कुमार से जुड़ी कुछ चैट और डेटा डिलीट कर दिए थे। सीबीआई अब इन डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
सीबीआई जांच का दायरा बढ़ा
सीबीआई के अनुसार, इंटरनल ऑडिट टीम के सदस्यों के संगठित रूप से रिश्वतखोरी में शामिल होने की सूचना की भी जांच की जा रही है। संतोष कुमार की भूमिका और जब्त दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की संभावना है।
फिलहाल सीबीआई मामले में सोनू कुमार समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। जब्त दस्तावेज, डिजिटल डेटा और वित्तीय लेन-देन की जांच के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है।











