
जमशेदपुर : जेएनयू से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न प्रकरण के विरोध में निकला प्रदर्शन सोमवार को बिष्टुपुर में राजनीतिक टकराव में बदल गया। कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों की नारेबाजी के बीच तनाव बढ़ा और झड़प हो गई। घटनास्थल पर लाठी चलने तथा पत्थरबाजी की सूचना है। कुछ कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है, हालांकि उनकी कुल संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जी टाउन मैदान से निकला विरोध मार्च
भाजपा महिला मोर्चा ने जेएनयू प्रकरण को लेकर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी। इसी क्रम में भाजपा कार्यकर्ता जी टाउन मैदान से मार्च करते हुए तिलक पुस्तकालय पहुंचे। कांग्रेस कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद थे। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू की। कुछ ही देर में विरोध और जवाबी नारेबाजी के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं में भिड़ंत हुई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रदर्शन के दौरान बढ़े इस टकराव के बाद कांग्रेस कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी।
घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी
प्रारंभिक जानकारी में तीन भाजपा कार्यकर्ताओं और एक कांग्रेस कार्यकर्ता के सिर में चोट लगने की बात कही गई है। वहीं, अन्य विवरण में भाजपा के एक कार्यकर्ता के घायल होने की सूचना दी गई है। ऐसे में कुल घायलों की संख्या और उनकी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। झड़प किस पक्ष की ओर से शुरू हुई और किन परिस्थितियों में लाठी-पत्थर चले, इसकी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी एक पक्ष को हिंसा की शुरुआत के लिए जिम्मेदार ठहराना संभव नहीं है। घटनाक्रम का स्पष्ट विवरण सामने आने का इंतजार है।
पूर्णिमा साहू धरने पर बैठीं
टकराव के बाद भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू मौके पर धरने पर बैठ गईं। उनके धरने से घटनास्थल पर राजनीतिक विरोध जारी रहा। करीब आधे घंटे बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया। विरोध मार्च, कार्यकर्ताओं की झड़प और विधायक के धरने ने पूरे घटनाक्रम को चर्चा में ला दिया। जेएनयू प्रकरण को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन स्थानीय स्तर पर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के सीधे टकराव तक पहुंच गया। हालांकि, झड़प से जुड़े कई पहलुओं पर अभी स्पष्ट जानकारी सामने आना बाकी है।
तिलक पुस्तकालय के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
तनाव को देखते हुए कांग्रेस मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जवान स्थिति पर नजर रख रहे हैं, ताकि दोनों पक्षों के बीच दोबारा भिड़ंत न हो। फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रित रखने का प्रयास किया जा रहा है। घायलों की सही संख्या, टकराव की शुरुआत और लाठी-पत्थर चलने से जुड़े तथ्यों पर आधिकारिक जानकारी आने के बाद घटनाक्रम की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।












