
चाईबासा : लोगों की आवाजाही आसान बनाने के लिए तैयार रेलवे अंडरपास ही अब इंतजार और परेशानी की वजह बन गया है। चाईबासा रेलवे स्टेशन के पास जेएमपी चौक के समीप करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से बना अंडरपास दो साल बाद भी चालू नहीं हो सका है। आसपास के लगभग 27 गांवों के लोग इसका लाभ मिलने की राह देख रहे हैं। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने और वैकल्पिक रास्ता लंबा पड़ने से रोजमर्रा का सफर मुश्किल बना हुआ है।
छोटे छो सफर के लिए तीन किलोमीटर का चक्कर
खप्परसाई, डिलियामिर्चा पंचायत और आसपास के ग्रामीणों को बस पड़ाव, सदर बाजार तथा साप्ताहिक मंगलाहाट पहुंचने में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, उनके सामने रेलवे ट्रैक पार करने या करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त घूमकर जाने का विकल्प बचता है। लंबे रास्ते से आने-जाने में समय और मेहनत दोनों अधिक लगते हैं। बाजार से सामान लाने, जरूरी काम निपटाने और नियमित यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह समस्या रोज की चुनौती बन चुकी है। जिस परियोजना से दूरी घटने की उम्मीद थी, उसका लाभ अब तक नहीं मिल पाया है।
बच्चों और महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें
इस स्थिति का असर स्कूली छात्र-छात्राओं और महिलाओं पर विशेष रूप से पड़ रहा है। रेलवे ट्रैक पार करना दुर्घटना का जोखिम पैदा करता है, जबकि घूमकर जाने से यात्रा लंबी हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षित और सुविधाजनक रास्ता उपलब्ध कराने के लिए अंडरपास जल्द खोलना जरूरी है। ग्रामीण विकास सरकार ने आवाजाही की दिक्कतों का समाधान करने की मांग की है। राणा राय के मुताबिक, जेएमपी चौक के पास रेलवे क्रॉसिंग गेट पूरी तरह बंद होने से खप्परसाई और डिलियामिर्चा के लोगों को हाट-बाजार जाने में काफी परेशानी होती है।
निर्माण के बाद भी पावर ब्लॉक का इंतजार
अंडरपास बनाने का उद्देश्य रेलवे क्रॉसिंग पर होने वाली परेशानी दूर करना और आसपास के गांवों को आसान रास्ता देना था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रेलवे से आवश्यक पावर ब्लॉक नहीं मिलने के कारण इसे चालू करने की प्रक्रिया अटकी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सुविधा का उपयोग नहीं हो पाना निराशाजनक है। स्थानीय निवासी दीपू कुमार ने भी अतिरिक्त दूरी तय करने की समस्या उठाई है। लोगों की मांग है कि लंबित प्रक्रिया जल्द पूरी कर रास्ता खोला जाए।
बारिश से रुका काम, रेलवे ने बताई वजह
रेलवे के आईडब्ल्यू रंजीत सिंह के अनुसार, अधिक बारिश से मिट्टी में नमी और गीलापन बना हुआ है। बिजली से जुड़े जोखिम को देखते हुए काम रोकना पड़ा है। उन्होंने मौसम और परिस्थितियां अनुकूल रहने पर अगले सप्ताह अंडरपास शुरू करने की बात कही है। अब ग्रामीणों की नजर इस आश्वासन के पूरा होने पर है। अंडरपास खुलने से आसपास के गांवों के लोगों को सुरक्षित आवागमन का विकल्प मिलेगा और बाजार, बस पड़ाव व अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में राहत मिल सकेगी।












