
जमशेदपुर: जमशेदपुर पुलिस ने अपराध नियंत्रण और बीट पुलिसिंग को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक नई डिजिटल व्यवस्था लागू की है। जिले में अब QR कोड आधारित डिजिटल बीट पुलिसिंग सिस्टम शुरू कर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य पुलिस गश्त को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है, ताकि अपराधों पर तेजी से नियंत्रण के साथ आम लोगों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
नई व्यवस्था के तहत पूरे जिले को 206 बीट क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। इनमें शहरी क्षेत्र में 102 और ग्रामीण क्षेत्र में 104 बीट शामिल हैं। प्रत्येक बीट के लिए एक बीट पदाधिकारी की नियुक्ति की गई है, जो अपने क्षेत्र में नियमित गश्त, स्थानीय लोगों से संवाद, अपराध संबंधी सूचनाओं का संग्रह और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
इस प्रणाली की सबसे खास बात यह है कि जिले के विभिन्न चिन्हित स्थानों पर QR कोड लगाए गए हैं। बीट पदाधिकारी, पेट्रोलिंग वाहन और थाना गश्ती दल ड्यूटी के दौरान इन QR कोड को स्कैन करेंगे। स्कैनिंग के साथ ही उनकी उपस्थिति, गश्त का समय और लोकेशन का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इस रिकॉर्ड की निगरानी वरिष्ठ अधिकारी रियल टाइम में कर सकेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी बीट पदाधिकारी तय समय पर अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें।
पुलिस की योजना के अनुसार प्रत्येक बीट पदाधिकारी प्रतिदिन पैदल या मोटरसाइकिल से अपने क्षेत्र में भ्रमण करेगा और करीब 500 घरों तक पहुंचकर लोगों से सुरक्षा संबंधी फीडबैक लेगा। इस दौरान स्थानीय समस्याओं, संदिग्ध गतिविधियों और अपराध संबंधी सूचनाओं को भी दर्ज किया जाएगा, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल बीट पुलिसिंग से कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूती मिलेगी। लोगों के साथ पुलिस का सीधा संवाद बढ़ेगा, संवेदनशील इलाकों में नियमित पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित होगी और स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर अपराधों की रोकथाम अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
इसके अलावा यह व्यवस्था सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और अन्य कानून-व्यवस्था संबंधी गतिविधियों की निगरानी में भी सहायक साबित होगी। पूर्वी सिंहभूम पुलिस का कहना है कि तकनीक आधारित यह पहल जिले में स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में इसे और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

