
नीलांबर-पीतांबरपुर :बच्चों की थाली को पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाने के संदेश के साथ मंगलवार को नीलांबर-पीतांबरपुर प्रखंड में आंगनबाड़ी सहायिकाओं के बीच फूड कॉम्पिटिशन आयोजित किया गया। विभिन्न केंद्रों से आई सहायिकाओं ने अपने तैयार किए हुए व्यंजन प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में जुरु-2 आंगनबाड़ी केंद्र की सरिता देवी ने पहला स्थान हासिल किया। कोइरी पतरा की सिंधु कुमारी दूसरे और मुंदरिया की सोनी देवी तीसरे स्थान पर रहीं। आयोजन में भोजन बनाने की प्रतिभा के साथ बच्चों के बेहतर पोषण का विषय भी प्रमुख रहा। सहायिकाओं को पौष्टिक व्यंजन तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करना और आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाना कार्यक्रम का उद्देश्य बताया गया।
स्वाद, गुणवत्ता और प्रस्तुति पर परखे गए व्यंजन
प्रतियोगिता के दौरान सहायिकाओं ने अलग-अलग पौष्टिक एवं स्वादिष्ट व्यंजन तैयार कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। मूल्यांकन में व्यंजनों के स्वाद के साथ उनकी गुणवत्ता और प्रस्तुति को भी महत्व दिया गया। इस तरह प्रतिभागियों के भोजन तैयार करने और उसे आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने के कौशल को परखा गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी जागो महतो, पूर्वी जिला परिषद सदस्य विजय राम तथा पर्यवेक्षिका अपर्णा मिश्रा, अंजू गुप्ता और संगीता कुमारी सहित अन्य उपस्थित पदाधिकारियों ने व्यंजनों का स्वाद लिया। इसके बाद तय आधारों पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया।
जुरु-2 की सरिता प्रथम, सिंधु और सोनी भी रहीं आगे
प्रतियोगिता में जुरु-2 आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिका सरिता देवी के व्यंजनों ने उन्हें प्रथम स्थान दिलाया। कोइरी पतरा की सिंधु कुमारी ने द्वितीय और मुंदरिया की सोनी देवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। तीनों विजेता प्रतिभागियों को आगे जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। प्रखंड में हुए इस आयोजन ने विभिन्न केंद्रों की सहायिकाओं को एक साझा मंच पर अपनी पाक प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर दिया। प्रतियोगिता के माध्यम से उनके कौशल को पहचान और प्रोत्साहन देने पर जोर रहा।
बच्चों के पोषण आहार की गुणवत्ता पर जोर
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता और पौष्टिकता बनाए रखने की आवश्यकता बताई। उनका जोर इस बात पर रहा कि भोजन तैयार करते समय बच्चों के बेहतर पोषण को प्राथमिकता दी जाए। आयोजन में स्वाद और पोषण, दोनों को महत्व मिला। प्रतियोगिता का उद्देश्य सहायिकाओं की भोजन बनाने की क्षमता को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें अपनी जिम्मेदारी के प्रति अधिक जागरूक करना भी था।
कौशल को प्रोत्साहन, बेहतर भोजन का संदेश
फूड कॉम्पिटिशन ने आंगनबाड़ी सहायिकाओं की भूमिका को बच्चों के पोषण से जोड़ते हुए उनके काम के महत्व को सामने रखा। विभिन्न केंद्रों की प्रतिभागियों ने व्यंजनों के जरिए अपना हुनर दिखाया। कार्यक्रम का प्रमुख संदेश रहा कि बच्चों तक पहुंचने वाला भोजन गुणवत्ता और पौष्टिकता की कसौटी पर बेहतर होना चाहिए।












