जामताड़ा: साइबर अपराध के लिए कुख्यात जामताड़ा में पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने शनिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि साइबर डीएसपी अमित रविदास के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने करमाटांड़ और जामताड़ा थाना क्षेत्र में एक साथ छापेमारी कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पांच और जामताड़ा थाना क्षेत्र के चार युवक शामिल हैं। इनके कब्जे से 27 मोबाइल फोन, 39 सिम कार्ड और एक टैब बरामद किया गया है। जब्त किए गए उपकरणों में कई महंगे आईफोन भी शामिल हैं, जिनकी तकनीकी जांच कर साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी फोनपे कैशबैक का लालच देकर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। वे पहले ग्राहकों को कैशबैक मिलने का झांसा देते और एक रिक्वेस्ट भेजते थे। जैसे ही पीड़ित उस रिक्वेस्ट को स्वीकार करता, उसके बैंक खाते से रकम साइबर अपराधियों के फर्जी ई-वॉलेट में ट्रांसफर हो जाती थी। इसके अलावा आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी, ओटीपी और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर खातों से अवैध निकासी भी करते थे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में पश्चिम बंगाल का रहने वाला अमृत रूईदास भी शामिल है, जो अपने ससुराल पोसोई गांव में रह रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह वकालत की पढ़ाई की तैयारी कर रहा था, लेकिन बाद में साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ गया। पुलिस उसके संपर्कों और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।एसपी शंभू कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मुजाहिद अंसारी और सलामत अंसारी के खिलाफ पहले भी साइबर अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं और दोनों के विरुद्ध पूर्व में आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है। प्रेस वार्ता में साइबर डीएसपी अमित रविदास, साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, कैशबैक ऑफर या बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहें, क्योंकि छोटी सी लापरवाही बड़ी आर्थिक ठगी का कारण बन सकती है।

