
रांची : राजधानी में दुर्गापूजा की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पूजा समितियों से उत्सव को सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की अपील की है। उन्होंने पंडालों में नशा मुक्ति के संदेश वाले बैनर और होर्डिंग लगाने तथा प्रतिमा विसर्जन के लिए पर्यावरण अनुकूल विकल्प तैयार करने का सुझाव दिया। मंगलवार, 6 अक्टूबर को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में रांची जिला दुर्गा पूजा समिति, रांची महानगर दुर्गा पूजा समिति और शांति समितियों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। सदस्यों ने चुनरी, मां दुर्गा की प्रतिमा और गुलदस्ता भेंट कर उनका अभिवादन किया।
प्रशासनिक सहयोग पर समितियों ने जताया संतोष
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि दुर्गापूजा के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन लगातार सहयोग कर रहा है। अधिकारियों के साथ बैठकों में समितियों की समस्याएं सुनी जा रही हैं और उत्सव शुरू होने से पहले उनके समाधान की पहल हो रही है। सदस्यों ने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने आगामी दिनों में भी प्रशासन और पूजा समितियों के बीच इसी तरह समन्वय बनाए रखने की अपेक्षा व्यक्त की।
परिवार के साथ पंडालों में जाएंगे मुख्यमंत्री
पूजा समितियों ने मुख्यमंत्री को शारदीय नवरात्रि के दौरान राजधानी के विभिन्न पंडालों में सपरिवार आने, माता के दर्शन करने और महाआरती में शामिल होने का आमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी आकर्षक पंडाल बनाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वे दुर्गापूजा उत्सव में शामिल होंगे और पंडालों का भ्रमण कर माता का आशीर्वाद लेंगे।
जलाशयों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक विसर्जन व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक आस्था और परंपरा को बनाए रखते हुए पर्यावरण की सुरक्षा भी जरूरी है। विसर्जन के बाद तालाबों और अन्य जलाशयों की स्थिति पर्यावरण के लिए चुनौती बनती है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार और पूजा समितियां मिलकर ऐसी कार्ययोजना तैयार करें, जिससे श्रद्धा के अनुरूप पर्यावरण अनुकूल विसर्जन संभव हो सके। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
बैनर और अनाउंसमेंट से युवाओं को करेंगे जागरूक
नशा मुक्त झारखंड के निर्माण में सामाजिक और धार्मिक संगठनों की भूमिका पर मुख्यमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने समितियों से आग्रह किया कि पंडालों में नशे से दूर रहने का संदेश दिया जाए, खासकर युवाओं को जागरूक किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने भरोसा दिलाया कि जागरूकता संबंधी बैनर और होर्डिंग लगाए जाएंगे। अनाउंसमेंट के माध्यम से भी लोगों को नशापान से बचने की अपील की जाएगी।
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुविधा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, बिजली, पानी, सफाई और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दर्शनार्थियों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। बैठक में रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी दी।












