
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम में राशन वितरण की सुस्त व्यवस्था पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार, 17 अक्टूबर को समाहरणालय सभागार में आयोजित आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक में उपायुक्त राजीव रंजन ने चार क्षेत्रों में खाद्यान्न वितरण में लापरवाही मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (बीएसओ) को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि अगले महीने प्रदर्शन नहीं सुधरा तो विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
इन चार क्षेत्रों के प्रदर्शन पर नाराजगी
बैठक में सितंबर महीने के दौरान आदिम जनजाति समूह यानी पीवीटीजी परिवारों को खाद्यान्न वितरण की स्थिति की समीक्षा हुई। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत वितरण की प्रगति भी जांची गई। गोलमुरी सह जुगसलाई, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति, मानगो नगर निगम और पटमदा में लाभुकों तक खाद्यान्न पहुंचाने में लापरवाही सामने आई। उपायुक्त ने इन क्षेत्रों के संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगने और व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करने को कहा।
पहले सप्ताह में दुकानों तक पहुंचे अनाज
खाद्यान्न उठाव और डोर स्टेप डिलिवरी में देरी करने वाले परिवहन अभिकर्ताओं एवं संवेदकों को भी सख्त चेतावनी दी गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रत्येक महीने के पहले सप्ताह में जन वितरण प्रणाली की दुकानों तक अनाज पहुंच जाना चाहिए। इससे लाभुकों को 15 तारीख तक राशन उपलब्ध कराया जा सकेगा। समय पर आपूर्ति नहीं करने वाले संवेदकों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई।
अनाज, नमक और चना दाल का साथ वितरण
नमक और मुख्यमंत्री चना दाल वितरण योजना की धीमी प्रगति पर भी जवाब मांगा गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि वितरण के लिए खाद्यान्न, नमक और चना दाल की किट तैयार कर इन्हें एक साथ उपलब्ध कराया जाए। इसका उद्देश्य वितरण की गति बढ़ाना है। संबंधित अधिकारियों को आपूर्ति और वितरण की नियमित निगरानी करने तथा पात्र परिवारों को समय पर सामग्री उपलब्ध कराने को कहा गया।
पात्र परिवारों के आवेदन जल्द निपटाने का निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि राशन कार्ड में किसी आयकरदाता लाभुक का नाम मिलने पर पूरे परिवार का नाम कार्ड से हटाया जाए। वहीं, पात्र लोगों के नाम जोड़ने और निष्क्रिय कार्ड सक्रिय करने के लिए प्राप्त आवेदनों का जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि योग्य लाभुकों को अनावश्यक परेशानी नहीं हो।
लंबित शिकायतों और योजनाओं की भी समीक्षा
सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना, ई-केवाईसी, गोदामों की मरम्मत और दाल-भात केंद्रों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। पीजीएमएस पोर्टल तथा ईआरसीएमएस में लंबित आवेदनों और शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में एडीएम एसओआर राहुल जी आनंद जी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फीकार अंसारी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।










