
जमशेदपुर : शहर के वरिष्ठ प्रेस छायाकार पार्थो चक्रवर्ती का गुरुवार तड़के टाटा मोटर्स अस्पताल में निधन हो गया। वे 52 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। मंगलवार को तबीयत अधिक बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान हृदय गति रुकने से उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही जमशेदपुर के पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
भुइयांडीह बर्निंग घाट पर अंतिम संस्कार
पार्थो चक्रवर्ती के पार्थिव शरीर का भुइयांडीह स्थित बर्निंग घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके छोटे भाई मिथुन चक्रवर्ती ने मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, पत्रकारों और उनके परिचितों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। पार्थो चक्रवर्ती अपने पीछे वृद्ध पिता रंजीत चक्रवर्ती, माता शिला चक्रवर्ती और अपने से दो छोटे भाइयों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके असमय निधन से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
25 वर्षों से कैमरे में दर्ज कर रहे थे शहर की धड़कन
सीतारामडेरा की ईस्ट बंगाल कॉलोनी में रहने वाले पार्थो चक्रवर्ती करीब 25 वर्षों से अधिक समय से प्रेस फोटोग्राफी से जुड़े हुए थे। उन्होंने अंग्रेजी दैनिक ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ सहित विभिन्न समाचार-पत्रों के लिए प्रेस छायाकार के रूप में सेवाएं दी थीं। लंबे पत्रकारिता जीवन में उन्होंने शहर की अनेक महत्वपूर्ण राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को अपने कैमरे में दर्ज किया। घटनास्थल पर समय से पहुंचने और अपने काम के प्रति समर्पित रहने के कारण पत्रकारिता क्षेत्र में उनकी अलग पहचान बनी थी। पत्रकारों और परिचितों के बीच वे प्यार से “पार्थो दा” के नाम से जाने जाते थे।
प्रेस जगत में शोक की लहर
उनके निधन से केवल मीडिया जगत ही नहीं, बल्कि शहर के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में भी गहरा शोक है। वर्षों तक पत्रकारों के साथ काम करने के कारण उनका शहर के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से आत्मीय संबंध बन गया था। प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर ने पार्थो चक्रवर्ती के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। पत्रकारों ने उन्हें कर्मठ, सरल और अपने दायित्व के प्रति समर्पित प्रेस छायाकार बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथियों का कहना है कि पत्रकारिता के प्रति उनका समर्पण और उनके कैमरे में दर्ज शहर की अनगिनत स्मृतियां हमेशा उनकी मौजूदगी का अहसास कराती रहेंगी।










