
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। चोरबागान के सर्वो जनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। शुरुआती मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में 25 लोगों के घायल होने की सूचना है, जबकि कुछ रिपोर्टों में 17 लोगों की मौत का दावा किया गया है। हालांकि, मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
संकरे प्रवेश और निकास द्वार से बढ़ी परेशानी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पंडाल में प्रवेश और बाहर निकलने के रास्ते काफी संकरे थे। क्षेत्र में रोशनी की कमी होने की बात भी सामने आई है। इसी दौरान भीड़ के दबाव के बीच अफरातफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे और कई लोगों के गिरने की सूचना मिली। आशंका जताई जा रही है कि भीड़ के अनियंत्रित दबाव ने स्थिति को गंभीर बना दिया।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे के बाद घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। घटनास्थल के वीडियो और तस्वीरों में लोगों को जमीन पर गिरा हुआ तथा अन्य लोगों को उनकी मदद करते देखा जा सकता है। हालांकि, घायलों की स्थिति और अस्पताल में भर्ती लोगों की संख्या को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
91 साल पुराने पंडाल में उमड़ी थी भीड़
चोरबागान का दुर्गा पूजा पंडाल इस वर्ष अपनी अनूठी ‘बियॉन्ड साउंड’ थीम के कारण चर्चा में था। पंडाल के 91 वर्ष पूरे होने के मौके पर तैयार की गई सजावट और आध्यात्मिक अवधारणा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी। इसी वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की बात सामने आई है।
भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल
इस घटना ने बड़े पूजा पंडालों में भीड़ नियंत्रण, प्रवेश और निकास की व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी तथा आपातकालीन निकासी मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भीड़ वाले आयोजनों में रास्तों की पर्याप्त चौड़ाई, स्पष्ट संकेतक और प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बेहद जरूरी होती है।
फिलहाल हादसे में मृतकों और घायलों की वास्तविक संख्या की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और पूजा आयोजकों की व्यवस्था की भी जांच जरूरी होगी।











