
- खरकई रेलवे ब्रिज के पास छापेमारी, बिहार के छपरा से बुलाए गए दो कथित शूटर समेत चार गिरफ्तार
- पिस्टल, सिक्सर और 30 जिंदा कारतूस बरामद; कारोबारियों से रंगदारी वसूलने की कथित साजिश का खुलासा
जमशेदपुर : दुर्गापूजा के दौरान शहर में आपराधिक वारदातों को अंजाम देने और कारोबारियों के बीच दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलने की कथित साजिश को जमशेदपुर पुलिस ने नाकाम करने का दावा किया है। जुगसलाई थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें बिहार के छपरा जिले से बुलाए गए दो कथित पेशेवर शूटर भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं। जांच के दौरान ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एक बिल्डर की हत्या के लिए 40 लाख रुपये की सुपारी दिए जाने की साजिश का भी खुलासा हुआ है।
पुलिस की इस कार्रवाई से कथित आपराधिक नेटवर्क के अंतरराज्यीय संपर्कों की पड़ताल शुरू हो गई है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या की सुपारी किसने दी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
गुप्त सूचना पर खरकई रेलवे ब्रिज के पास छापेमारी
एसएसपी डॉ. एहतशाम वकारिब के अनुसार, 17 अक्टूबर की रात करीब डेढ़ बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जुगसलाई के कुछ स्थानीय अपराधी बिहार से शूटर बुलाकर बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी के निर्देश पर पुलिस की विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस उपाधीक्षक विधि-व्यवस्था के नेतृत्व में टीम ने खरकई नदी पर बने नए रेलवे ब्रिज के पूर्वी छोर के पास रेलवे ट्रैक से सटी झाड़ियों में घेराबंदी कर छापेमारी की। इस दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दुर्गापूजा के दौरान फायरिंग, डकैती और कारोबारियों को धमकाकर रंगदारी वसूलने की योजना बना रहे थे।
हथियारों का जखीरा बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक लोडेड देसी पिस्टल, एक लोडेड सिक्सर, 30 जिंदा कारतूस, दो खोखे और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन की जांच के जरिए पुलिस आरोपियों के संपर्कों और कथित आपराधिक साजिश से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
जांच का एक अहम पहलू हथियारों की आपूर्ति का स्रोत भी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों को हथियार किसने उपलब्ध कराए और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
भुवनेश्वर के बिल्डर की हत्या के लिए 40 लाख की सुपारी
इस मामले में सबसे अहम खुलासा ओडिशा के भुवनेश्वर से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह ने भुवनेश्वर के एक बिल्डर की हत्या के लिए 40 लाख रुपये की सुपारी लेने से संबंधित साजिश रची थी।
अब पुलिस कथित सुपारी देने वाले व्यक्ति, हत्या की वजह और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। बरामद मोबाइल फोन के कॉल डिटेल और चैट की पड़ताल से इस मामले में और जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।
हालांकि, सुपारी की रकम के लेनदेन और कथित साजिश में शामिल सभी लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
राजेश साव का पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में जुगसलाई गौशाला रोड के छपरहिया मोहल्ले के निवासी राजेश कुमार साव और मन्नू कुमार के अलावा बिहार के छपरा जिले के प्रतीक कुमार तथा विकास कुमार सिंह उर्फ रितिक शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि राजेश कुमार साव के खिलाफ पहले भी सोनारी थाना क्षेत्र में अपहरण और कदमा थाना क्षेत्र में डकैती के मामले दर्ज हैं। वह पहले करीब चार साल तक जेल में भी रह चुका है। पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उनके कथित संपर्कों की जांच कर रही है।
कारोबारियों को निशाना बनाने की आशंका
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि कथित साजिश का उद्देश्य कारोबारियों के बीच भय पैदा कर रंगदारी वसूलना था। हालांकि, किन कारोबारियों को निशाना बनाया जाना था, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही हथियारों की आपूर्ति, कथित सुपारी के पीछे के सूत्रधार और संभावित सहयोगियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ी वारदात टलने का दावा किया गया है। अब जांच का मुख्य केंद्र भुवनेश्वर के बिल्डर की हत्या की कथित सुपारी और जमशेदपुर में रंगदारी के लिए तैयार किए जा रहे नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाना है।












