
जमशेदपुर : भाजपा नेता निर्भय सिंह की अंतिम विदाई में शनिवार को जमशेदपुर की सड़कें लोगों के हुजूम से भर गईं। काशीडीह स्थित उनके आवास से निकली अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से लेकर सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और शुभचिंतकों तक ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूरा माहौल गमगीन था और अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे लोगों की आंखें नम थीं।
काशीडीह से निकली अंतिम यात्रा, सड़क पर उमड़ा हुजूम
शनिवार दोपहर काशीडीह स्थित आवास से निर्भय सिंह की अंतिम यात्रा निकाली गई। शवयात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। भाजपा के अलावा झामुमो, कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी अंतिम विदाई देने पहुंचे। सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शुभचिंतकों और परिचितों की भी भारी मौजूदगी रही। अपने प्रिय नेता को अंतिम बार देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे।
भाई की अर्थी को कंधा देते ही भावुक हुए अभय सिंह
अंतिम यात्रा का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह अपने जुड़वां भाई निर्भय सिंह की अर्थी को कंधा देने पहुंचे। भाई को हमेशा के लिए विदा करने की पीड़ा वह बर्दाश्त नहीं कर सके और फफक-फफक कर रो पड़े। उन्हें इस तरह टूटता देख आसपास मौजूद लोग भी भावुक हो गए। लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया। अंतिम यात्रा का यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद पीड़ादायक रहा।
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने दी श्रद्धांजलि
निर्भय सिंह की अंतिम यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भी शामिल हुए। उन्होंने दिवंगत निर्भय सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके असामयिक निधन को दुखद बताया। ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह समेत कई राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की हस्तियां भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचीं। अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी ने अंतिम विदाई को व्यापक सामाजिक सहभागिता का रूप दिया।
शुक्रवार को हार्ट अटैक से बिगड़ी थी तबीयत
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह के जुड़वां भाई निर्भय सिंह को शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे अचानक हार्ट अटैक आया था। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) ले जाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद दिल का दौरा पड़ने की पुष्टि की थी। इसके बाद उन्हें कैथ लैब में शिफ्ट कर वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में इलाज शुरू किया गया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
‘भगवान ने मेरे साथ बहुत गलत किया’, भाई को खोने का दर्द छलका
निर्भय सिंह के निधन के बाद अभय सिंह का एक भावुक वीडियो भी सामने आया था। इसमें वह अपने भाई को खोने का दर्द बयां करते हुए रो पड़े थे। उन्होंने कहा था, ‘मेरे साथ भगवान ने बहुत गलत किया।’ शनिवार को अंतिम यात्रा के दौरान भी उनका दर्द छलक पड़ा। भाई की अर्थी को कंधा देते हुए उनकी आंखों से बहते आंसुओं ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
निर्भय सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ ने उनके राजनीतिक और सामाजिक संपर्कों की व्यापकता को सामने रखा। काशीडीह से निकली इस अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।












