
जमशेदपुर : दीपावली की रौनक ऑब्जर्वेशन होम और शेल्टर होम में रह रहे बच्चों तक भी पहुंचे, इसी भावना के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), जमशेदपुर ने त्योहार से पहले विशेष पहल की है। हर वर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी बच्चों के लिए दीए, बाती और मोमबत्तियां उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही संस्थानों में दीपोत्सव की तैयारियों की शुरुआत हो गई है। इस पहल का केंद्र उन अल्पवयस्क बच्चों को त्योहार की खुशियों से जोड़ना है, जो इन परिसरों में रह रहे हैं। दीप जलाने की सामग्री देकर उन्हें भी उत्सव में शामिल होने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। डालसा के प्रतिनिधि ने बच्चों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।
झालसा के निर्देश पर पहुंचाई गई सामग्री
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेश के आलोक में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव के मार्गदर्शन में सीडब्ल्यूसी, ऑब्जर्वेशन होम और साकची स्थित शेल्टर होम में वितरण किया गया। इस दौरान दीए और बाती के साथ मोमबत्तियां भी दी गईं, ताकि बच्चे अपने परिसर में दीपावली मना सकें। त्योहार से पहले की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों तक उत्सव की जरूरी सामग्री पहुंचाना और उन्हें खुशियों में सहभागी बनाना है।
बच्चों को मिले त्योहार में शामिल होने का अवसर
दीपावली घरों और गलियों को रोशन करने के साथ मिलकर खुशियां बांटने का भी अवसर है। डालसा की यह पहल इसी भावना को संस्थानों में रह रहे बच्चों तक पहुंचाने का प्रयास है। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह अहसास दिलाने पर जोर दिया गया कि दीपोत्सव की खुशियों में उनकी भागीदारी भी मायने रखती है। दीया और मोमबत्ती वितरण को बच्चों के साथ त्योहार मनाने की तैयारियों के पहले चरण के रूप में देखा जा सकता है। फिलहाल रोशनी की सामग्री पहुंचाई गई है, जबकि दीपावली के दिन उनके बीच अन्य सामग्री वितरित करने की भी योजना है। इस तरह कार्यक्रम को त्योहार के दिन तक आगे बढ़ाया जाएगा।
दीपावली पर मिठाइयां बांटने की भी तैयारी
डालसा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दीपावली के दिन बच्चों के बीच मिठाइयां बांटी जाएंगी। इसके अलावा फुलझड़ियां और छोटे पटाखे वितरित करने की भी योजना है। बच्चों के साथ त्योहार की खुशियां साझा करने के उद्देश्य से ये तैयारियां की जा रही हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी दीप वितरण से शुरू हुई पहल का संदेश साफ है—त्योहार की खुशियां समाज के हर हिस्से तक पहुंचें। ऑब्जर्वेशन होम और शेल्टर होम के बच्चों को साथ लेकर दीपावली मनाने का यह प्रयास साझा उत्सव और अपनापन बढ़ाने की भावना को सामने लाता है।












