
रांची : झारखंड और बिहार में दर्ज 53 मामलों में वांछित संजय यादव उर्फ गोदराम को महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) ने गिरफ्तार किया है। कार्रवाई महाराष्ट्र के ठाणे जिले में हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, झारखंड पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर महाराष्ट्र एटीएस ने उसे पकड़ा। संजय को माओवादी संगठन का जोनल कमांडर बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी पर दोनों राज्यों की ओर से कुल 13 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें झारखंड सरकार ने 10 लाख रुपये और बिहार सरकार ने तीन लाख रुपये का इनाम रखा था। कई मामलों में तलाशे जा रहे संजय की गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियों की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
झारखंड पुलिस के इनपुट पर हुई कार्रवाई
संजय यादव झारखंड से फरार था और पुलिस को उसकी तलाश थी। उसके संबंध में झारखंड पुलिस को मिली सूचना महाराष्ट्र की एजेंसी तक पहुंचाई गई। इसी इनपुट के आधार पर महाराष्ट्र एटीएस ने ठाणे जिले में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी में एक राज्य से मिली सूचना दूसरे राज्य में कार्रवाई का आधार बनी। फिलहाल उपलब्ध विवरण में गिरफ्तारी की सटीक जगह, उसके वहां रहने की अवधि और स्थानीय संपर्कों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।
पलामू में 23, बिहार में 30 मामलों में वांछित
संजय के खिलाफ दर्ज मामलों का दायरा झारखंड और बिहार, दोनों राज्यों तक फैला है। जानकारी के मुताबिक, वह कुल 53 मामलों में वांछित था। इनमें झारखंड के पलामू जिले में 23 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा बिहार के औरंगाबाद जिले में 20 और गया जिले में 10 मामलों में उसकी तलाश थी। इस तरह बिहार के इन दो जिलों में कुल 30 मामले दर्ज हैं। अलग-अलग जिलों में दर्ज इन मामलों के कारण उसकी गिरफ्तारी दोनों राज्यों की पुलिस के लिए अहम है।
पलामू के देवान गांव का रहने वाला है आरोपी
गिरफ्तार संजय यादव उर्फ गोदराम मूल रूप से पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के देवान गांव का निवासी है। उसे माओवादी संगठन में जोनल कमांडर की जिम्मेदारी संभालने वाला बताया गया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में संगठन के भीतर उसके कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी नहीं है। उसकी पहचान, घोषित इनाम और दर्ज मामलों से संबंधित जानकारी सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद संबंधित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
दो राज्यों के घोषित इनाम का कुल जोड़ ₹13 लाख
संजय पर घोषित इनामी राशि को लेकर स्थिति स्पष्ट है। झारखंड में उस पर 10 लाख रुपये का इनाम था, जबकि बिहार में तीन लाख रुपये घोषित थे। दोनों को मिलाकर कुल इनामी राशि 13 लाख रुपये होती है।ठाणे में हुई इस कार्रवाई के साथ झारखंड और बिहार के कई मामलों में वांछित आरोपी अब गिरफ्तार हो चुका है।












