

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि उनका विरोध ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ है। उनका कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेची जा रही दवाइयों की गुणवत्ता की सही तरीके से जांच नहीं हो पाती। कई मामलों में बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के भी दवाइयाँ उपलब्ध करा दी जाती हैं, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। दवा दुकानदारों ने आरोप लगाया कि यदि ऑनलाइन खरीदी गई दवा से किसी मरीज को नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाता है। वहीं, नशीली दवाओं की भी ऑनलाइन बिक्री होने की बात कही गई, जिस पर रोक लगाने की मांग की गई है। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि स्थानीय दवा दुकानदार नियमों का पालन करते हुए डॉक्टर के पर्चे और निर्धारित मानकों के आधार पर ही दवाइयाँ उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू किए जाने की जरूरत है।












