कैंसर मरीजों को टाटा वर्कर्स यूनियन का दीपावली गिफ्ट! 114 बेड वाले अत्याधुनिक कैंसर रेस्ट हाउस का उद्घाटन, अब मरीजों और परिजनों को मिलेगी बड़ी राहत
- टाटा स्टील और टिमकेन फाउंडेशन के सहयोग से तैयार हुआ रेस्ट हाउस, डीबी सुंदरा रामम और टुन्नू चौधरी ने संयुक्त रूप से किया उद्घाटन।
जमशेदपुर : कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों के लिए जमशेदपुर से राहत भरी खबर है। दीपावली के अवसर पर टाटा वर्कर्स यूनियन ने मरीजों को एक ऐसी सौगात दी है, जो इलाज के दौरान उनकी परेशानियां कम करने में मददगार साबित होगी। यूनियन के प्रयासों से 114 बेड वाले अत्याधुनिक कैंसर रेस्ट हाउस का सपना अब हकीकत बन गया है। इस सुविधा के शुरू होने से कैंसर मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर आवासीय व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।

114 बेड, आधुनिक सुविधाएं और केबिन की व्यवस्था
नवनिर्मित कैंसर रेस्ट हाउस में कुल 114 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं और केबिन भी बनाए गए हैं। इसका उद्देश्य कैंसर के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को रहने के लिए आरामदायक और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना है। गंभीर बीमारी के इलाज के दौरान मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को अक्सर ठहरने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह व्यवस्था उनके लिए काफी मददगार हो सकती है।
डीबी सुंदरा रामम और टुन्नू चौधरी ने किया उद्घाटन
इस ऐतिहासिक परियोजना का उद्घाटन टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) डीबी सुंदरा रामम और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी (टुन्नू चौधरी) ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर यूनियन के महासचिव सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह सहित यूनियन के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में यूनियन कमेटी मेंबर (यूसीएम) मौजूद रहे।
तीन संस्थाओं ने मिलकर किया वित्तपोषण
कैंसर रेस्ट हाउस परियोजना को टिमकेन फाउंडेशन, टाटा स्टील और टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) ने संयुक्त रूप से वित्तपोषित किया है। वहीं, इसके संचालन और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी टाटा वर्कर्स यूनियन को सौंपी गई है। इस परियोजना को धरातल पर उतारने में टाटा स्टील प्रबंधन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यूनियन के निरंतर प्रयासों और संस्थाओं के सहयोग से यह जनहितकारी पहल पूरी हो सकी।
श्रमिक हितों से आगे बढ़कर सामाजिक सरोकार की मिसाल
टाटा वर्कर्स यूनियन की यह पहल केवल एक भवन के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का भी उदाहरण है। यूनियन ने इस परियोजना के माध्यम से दिखाया है कि श्रमिकों के हितों की रक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है।
दीपावली पर शुरू हुई यह सुविधा कैंसर मरीजों और उनके परिवारों के लिए उम्मीद की नई रोशनी लेकर आई है। अब इस रेस्ट हाउस के माध्यम से उन्हें इलाज के दौरान रहने की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।












